Mehngai की मार, खाने-पीने के सामान के दाम हुए दोगुने से ज़्यादा

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एक तरफ Corona की मार ऊपर से जनता को महंगाई (Mehngai) की मार भी झेलनी पड़ रही है। आम बजट से पहले ही आम आदमी का बजट बिगड़ चुका है। खाने-पीने के समानों के दाम आसमान छू रहे हैं। इस वजह से बीते दिसंबर में खाने-पीने के सामान के दाम में दोगुना से अधिक वृद्धि हुई है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 4.05 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले महीने 1.87 प्रतिशत थी। खाद्य Mehngai बढ़ने से दिसंबर में खुदरा Mehngai में भी तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है। बता दें 1 फरवरी को बजट पेश हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक Mehngai के ऊंचे स्तर को दॆखते हुए एक बार फिर दरों में कटौती के विचार को त्याग सकता है।

रिजर्व बैंक के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में सकल मुद्रास्फीति अपने उच्चस्तर पर होगी। उसके बाद से यह नीचे आएगी। इससे पहले पिछले हफ्ते देश के कई अर्थशास्त्रियों ने खुदरा Mehngai के 5.50 फीसदी से अधिक रहने की आशंका जताई थी और दिसंबर की खुदरा Mehngai उसके करीब रही है।

खाद्य वस्तुओं में अनाज और उसके बने उत्पाद, अंडा, दूध तथा दूध के बने उत्पाद, मसाले तथा तैयार भोजन, स्नैक्स और मिठाई के मामले में Mehngai दर दिसंबर में पिछले महीने के मुकाबले अधिक रही। हालांकि, सब्जियों, फल और तेल एवं वसा की Mehngai दर की रफ्तार में कमी आई। ईंधन और प्रकाश श्रेणी में मुद्रास्फीति दिसंबर महीने में इससे पूर्व माह के मुकाबले नरम हुई, लेकिन यह अभी भी 10.95 प्रतिशत पर है। नवंबर महीने में यह 13.35 प्रतिशत थी।

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