UP के छात्रों को नहीं होगी परेशानी, Medical कॉलेजों में भी हिंदी में होगी MBBS की पढ़ाई

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UP के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सबसे ज़्यादा परेशानी कॉलेज में जाकर होती है। जहां उन्हें इंग्लिश में ही पढ़ना होता है। बहुत से छात्र इस बात से परेशान होते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अब UP के छात्रों की परेशानी कुछ कम होने वाली है। UP के Medical कॉलेजों में भी आने वाले दिनों में हिंदी में Medical की पढ़ाई शुरू हो सकती है। मध्य प्रदेश ने भले ही इसे लागू कर दिया हो मगर उत्तर प्रदेश में भी चिकित्सा शिक्षा विभाग बीते कई महीनों से इस विषय पर माथापच्ची में जुटा है।

हिंदी में Medical की पढ़ाई के लिए किताबों को लेकर भी विचार चल रहा है। एक ओर नई किताबें तैयार कराने को जिम्मेदारी देने की बात है तो दूसरी ओर फिलहाल मध्य प्रदेश में प्रयोग की जाने वाली किताबों को ही उपयोग में लाने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि कुछ विषयों पर यहां हिंदी में किताबें लिखी भी जा चुकी हैं। विभाग उनकी गुणवत्ता का परीक्षण भी कराएगा।

MBBS की पढ़ाई हिंदी में भी कराए जाने को लेकर कभी किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल CM Yogi Adityanath ने इस दिशा में दिलचस्पी दिखाई थी। उसी के बाद से चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाने शुरू कर दिए थे। इस दिशा में कई पहलुओं का अध्ययन कराया जा रहा है। ये भी ध्यान में रखा जा रहा है कि पढ़ाई का स्तर भी प्रभावित न हो।

उत्तर प्रदेश में नर्सिंग शैक्षणिक संस्थानों में इजाफा करने के क्रम में पहले चरण में आगामी नवंबर से 11 सरकारी Medical कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। साथ ही शेष अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अगले सत्र से नर्सिंग की पढ़ाई होगी। पहले चरण में प्रदेश के 11 जिलों जालौन, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बदायूं, बांदा, आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में नवंबर से पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मोड पर बिल्डिंग बनेगी। जब तक बिल्डिंग बनेगी, तब तक सरकारी Medical कॉलेजों के भवनों में ही नर्सिंग की पढ़ाई होगी।

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