मध्य प्रदेश में ‘महाराज’ के ‘नौरत्नों’ को मिली जगह

कोरोना वायरस ने जहां देश दुनिया को नुकसान पहुंचाया वहीं सियासत की रफ़्तार भी धीमी कर दी। मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे वक्त से जारी उठा पटक के बाद आज शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट का विस्तार हो ही गया। आज भोपाल में इस विस्तार में कई मंत्रियों ने शपथ ली।

मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन में अहम भूमिका निभाने सिंधिया सर्मथक बड़ी संख्या में शिवराज कैबिनेट का हिस्सा बन गए हैं। सिंधिया समर्थकों के बड़ी संख्या में शामिल होने के चलते भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की एक बार फिर कैबिनेट मंत्री बनने की चाहत अधूरी रह गई है। बता दें कि आज (2 जुलाई) होने वाले शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे महेंद्र सिंह सिसोदिया,प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी और इमरती देवी के साथ ही एंदल सिंह कंसाना, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, गिरिराज दंडोतिया,ओपी एस भदौरिया, हरदीप सिंह डंग भी शपथ समारोह में नज़र आए। वहीं कमलनाथ सरकार में मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज होकर सबसे पहले भाजपा में शामिल हुए बिसाहूलाल सिंह भी मंत्री पद की शपथ में नज़र आए।

सुनिए मुख्यमंत्री जी जरा इधर भी ध्यान दीजिए। 

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिराने में ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा रोल रहा है, उनके करीब 20 समर्थक विधायक भाजपा में आ गए हैं। ऐसे में अब होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में उनके समर्थित कई विधायकों को जगह मिलना पहले से ही तय माना जा रहा था। खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया इस शपथ ग्रहण में शामिल होने भोपाल गए।

नंबरों की अगर बात की जाए तो मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। इस लिहाज से अधिकतम 35 विधायक मंत्री बनाए जाने की उम्मीद की जा रही थी। शिवराज समेत कुल छह सदस्य अभी कैबिनेट में हैं। इस तरह से 29 मंत्रियों की जगह ही अभी खाली है। बता दें कि बुधवार(1 जुलाई) को ही उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर अतिरिक्त कार्यभार संभाला है।

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