बिहार सरकार को जांच का कोई अधिकार नहीं- महाराष्ट्र सरकार

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे है, ऐसे में सीबीआई टीम ने शुक्रवार को रिया से 9 घंटे की पूछताछ की साथ ही सिद्धार्थ पिठानी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया। महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई जांच का विरोध किया है। महाराष्ट्र सरकार ने सील बंद लिफाफे में जांच की प्रगति रिपोर्ट शीर्ष कोर्ट में दाखिल की है।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने जवाब में महाराष्ट्र सरकार ने बिहार सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि इस पूरे मामले में बिहार सरकार ने नियमों के खिलाफ जाकर कार्य किया है साथ ही बिहार सरकार के पास केवल जीरो FIR दर्ज करने का अधिकार था। ऐसे में बिहार सरकार को एफआईआर दर्ज कर के हमारे पास भेजना चाहिए था।

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आगे कई गंभीर आरोपों के साथ महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर बिहार पुलिस ने जांच शुरू कर दी जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं है। जब जांच ही गैरकानूनी है तो बिहार सरकार CBI जांच की अनुशंसा कैसे कर सकती है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया।  महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि केंद्र ने भी सीबीआई जांच की सिफारिश मान कर गलत किया।

महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में बिहार सरकार का सीबीआई जांच की सिफारिश करना सही नहीं था। केंद्र सरकार का बिहार की अनधिकृत सिफारिश मानना केंद्र-राज्य संबंधों की संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ है।

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