भारत में आज हर तीसरा आदमी किसी ना किसी रूप से किसी रोग की दवाई खा रहा है।

 भारत में आज हर तीसरा आदमी किसी न किसी रूप से किसी रोग की दवाई खा रहा है।

जलवायु परिवर्तन और लोगों की बदलती दिनचर्या के कारण लोग बहुत सारी बीमारियों से परेशान हो रहे हैं। भारत में आज हर तीसरा आदमी किसी ना किसी रूप से किसी रोग की दवाई खा रहा है। अगर हम हॉस्पिटल में भी किसी बीमारी की दवा लेने जाते हैं तो वहां पर इतनी भीड़ होती है कि ऐसा लगता है कि पूरा भारत ही बीमार है। कैंसर, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, थायराइड, शुगर जैसी बीमारियां अपने पांव पसारे हुए हैं।

थायराइड की बीमारी आजकल नौजवानों में भी देखने को मिल रही है।

थायराइड की बीमारी भी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। वैसे तो थायराइड की बीमारी उम्र के बढ़ने पर अपनी जकड़ में लेती है लेकिन आजकल यह बीमारी नौजवानों में भी देखने को मिल रही है। एसिडिटी की समस्या जैसी बीमारियों की वजह से ही थायराइड बढ़ने लगती है। थायराइड एक गले में उपस्थित ग्रंथी होती है जो थायरोक्सिन हार्मोन रिलीज करती है अगर यह ग्रंथि हार्मोन जरूरत से कम या जरूरत से ज्यादा रिलीज करने लग जाए तो इंसान थायराइड की बीमारी से ग्रसित हो जाता है।

थायराइड का पता चलते ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए लेकिन कुछ घरेलू उपाय ऐसे भी हैं जो थायराइड जैसी बीमारी में काफी आराम प्रदान करते हैं। यदि आपको काफी सालों से थायराइड की समस्या बनी हुई है तो आप कुछ नियमों का प्रयोग करके उसमें सुधार कर सकते हैं। सुबह खाली पेट अलसी के बीजों का चूर्ण लेना चाहिए इसका प्रयोग आपको एक चम्मच पानी में मिलाकर करना चाहिए इससे आपकी थायराइड की परेशानी धीरे-धीरे खत्म होनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा सफेद प्याज और स्ट्रॉबेरी के पत्तों का रस भी काफी फायदेमंद होता है।