आप भी करते हैं डाइट सोडा का सेवन तो जान लें ये ज़रूरी बात

डाइट सोडा नाम सुनकर ही लोगों के दिमाग में मोटापे को कम करने का ख्याल आता है। अगर आप यह सोचकर डाइट कोल्डड्रिंक पीते हैं कि उसमें शक्कर नहीं मिली होने से मोटापे या टाइप-2 डायबिटीज का खतरा नहीं बढ़ेगा तो आप गलत हैं। ‘जर्नल पेडियाट्रिक ओबेसिटी’में छपे एक अमेरिकी अध्ययन में डाइट सोडे को मीठे की तलब बढ़ाने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। काफी लोग ऐसे हैं जो दिन में कई बार डाइट सोडा का इस्तेमाल करते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक डाइट सोडा में मिठास पैदा करने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि आर्टिफिशियल स्वीटनर मीठे को कैलोरी के सेवन से जोड़कर देखने की दिमाग की प्रवृत्ति में बदलाव लाते हैं। व्यक्ति यह सोचने लगता है कि मीठा खाने से उसकी सेहत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इस चक्कर में वह जरूरत से ज्यादा मीठे का सेवन कर लेता है, जो वजन के साथ ही ब्लड शुगर में उछाल का सबब बनता है।

जानें, डाइट सोडा के सेवन से होने वाले नुकसान

एक अध्ययन के मुताबिक डाइट सोडा किडनी की कोशिकाओं में फ्री-रैडिकल का उत्पादन बढ़ाता है। इससे किडनी खराब होने या उसमें कैंसर पनपने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अध्ययन में डाइट सोडा को पाचन तंत्र के लिए भी हानिकारक करार दिया गया। शोधकर्ता की मानें तो इसमें मौजूद सैकरीन, सुकरालोज और स्टीविया जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर आंत में गुड व बैड बैक्टीरिया के बीच के संतुलन को बिगाड़ देते हैं। इससे व्यक्ति को अक्सर पेटदर्द, मिचली, गले में जलन या बदहजमी होने की शिकायत सता सकती है।

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