फिर बढ़ी Lalu की मुसीबत, RRB घोटाले में पत्नी और बेटियों पर भी हुई FIR

0
232

कभी कभी इंसान को अपने कर्मों का फल ज़िन्दगी के आख़िरी पड़ाव में भुगतना पड़ता है। कुछ ऐसा ही शायद Lalu Prasad Yadav भी सोच रहे होंगे। RRB घोटाले में Lalu Yadav के परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। Lalu Yadav के साथ ही राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों के खिलाफ भी सीबीआई ने FIR दर्ज की है। FIR में 15 लोगों के नाम हैं। इनमें लालू की दो बेटियों मीसा यादव और हेमा यादव का नाम है।

FIR में कई ऐसे लोग हैं जो लालू के गांव गोपालगंज के रहने वाले हैं। यह वह लोग हैं जिनके नाम ज़मीन की रजिस्ट्री कराई गई थी। FIR में पहला नाम Lalu Yadav का है। उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया है। दूसरा नाम राबड़ी देवी और तीसरा नाम मीसा यादव का है। चौथा नाम Lalu Yadav की बेटी हेमा यादव का है। हेमा यादव का नाम पहली बार किसी मामले में सामने आया है। इससे पहले तेजस्वी यादव, तेज प्रताप, मीसा और उनके पति शैलेश का नाम अलग अलग मामलों में आ चुका है लेकिन हेमा का नाम पहली बार आया सामने आया है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो अब सभी 15 आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इन सभी लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।

जानें, क्यों हुई छापेमारी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख Lalu Yadav और उनकी बेटी मीसा भारती के 17 ठिकानों पर ज़मीन के बदले नौकरी देने के सिलसिले में छापेमारी की। पटना और गोपालगंज में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे गए। यह छापेमारी 2004 और 2009 के बीच रेलवे में नौकरी के बदले ज़मीन लेने से संबंधित है, जब Lalu Yadav रेल मंत्री थे।

पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए Lalu Yadav ने रेलवे में नौकरी दिलाने के एवज में ज़मीन ली थी। इसी तरह की सीबीआई छापेमारी तब की गई थी राज्य में महागठबंधन सरकार का शासन था। उस समय नीतीश कुमार मुख्यमंत्री जबकि तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी निभा रहे थे। 2017 में हुई छापेमारी आईआरसीटीसी घोटाले से संबंधित थी।

यह भी पढ़ें – Congress करने जा रही है ‘जन जागरण आंदोलन’ के दूसरे चरण की शुरुआत

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है