CBI ने फिर से रोका Lalu Yadav के जेल से बाहर निकलने का रास्‍ता

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख Lalu Yadav के लिए आज का दिन भी निराशा भरा ही रहा। Lalu को एक बार फिर झटका लगा है, उन्‍हें ज़मानत नहीं मिल पाई है। चारा घोटाला केस में सज़ा काट रहे राजद सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav की जमानत याचिका पर अगले सप्ताह झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई होगी।

Lalu को उम्मीद थी की आज उन्हें आज ज़मानत मिल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों से कस्टडी की अवधि के सत्यापित आदेश की प्रति कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया है। बता दें कि चारा घोटाला के विभिन्न मामलों में से एक दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में Lalu Prasad Yadav सज़ायाफ्ता हैं। मामले को लेकर Lalu Yadav को 7 साल की सजा सुनाई गई है।

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Lalu Yadav की ओर से जिस अवधि को कस्टडी में रहने का दावा किया जा रहा है। उसका CBI विरोध कर रही है। इसीलिए अदालत ने उस अवधि से संबंधित निचली अदालत के आदेश की प्रति कोर्ट में सोमवार तक जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार को निर्धारित की है।

Lalu Yadav की ओर से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल व देवर्षि मंडल ने अदालत को बताया कि दुमका कोषागार मामले में Lalu Yadav ने सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने इस मामले में 42 माह जेल में बिताए हैं। सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि Lalu Yadav 37 महीना 6 दिन ही इस मामले में जेल में रहे हैं। अदालत में कस्टडी को लेकर दोनों के दावे के अंतर को देखते हुए मामले की सुनवाई अगले हफ्ते निर्धारित की है और दोनों से कस्टडी की सत्यापित प्रति अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है। बता दें कि Lalu Yadav की ओर से बीमारी और आधी सजा की अवधि पूरी करने का हवाला देते हुए दुमका कोषागार मामले में जमानत देने की गुहार लगाई गई है। फिलहाल Lalu Yadav के इलाज Delhi स्थित एम्स हो रहा है।

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