बदलते वक़्त के साथ लोग भी बदल गए हैं। इंसान खाने के बिना तो रह सकता है लेकिन सोशल मीडिया के बिना रहना उसे नामुमकिन लगता है। WhatsApp के अलावा Social Media Platform Facebook और Instagram सोमवार की रात अचानक से डाउन हो गए। दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स को इनके डाउन होने से काफी परेशानी हुई।

Whatsapp Users न तो मेसेज भेज पा रहे थे और न ही रिसीव कर पा रहे थे। इसी तरह Facebook पर यूजर्स को पुराने कॉन्टेंट ही दिख रहे थे। इस दिक्कत के कारण Instagram User न तो स्टोरी देख पा रहे थे और न ही रील्स को ऐक्सेस कर पा रहे थे। हालांकि, करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ये सभी Social Media Platform ने फिर से काम करना शुरू कर दिया।

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दुनियाभर के Cyber Crime Specialists और रिसर्चर्स ने इस तरह के ग्लोबल आउटेज की असल वजह जानने की कोशिश की। ब्रायन क्रेब्स नाम के एक Cyber Crime Reporter के अनुसार इन प्लेटफॉर्म के डाउन होने का कारण BGP यानी बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल में आने वाली गड़बड़ी है। BGP के कारण की इंटरनेट सही तरह से काम कर पाता है। इंटरनेट बहुत सारे नेटवर्क्स का नेटवर्क है और BGP का काम इन नेटवर्क्स को एक साथ जोड़े रखना है।

अगर BGP में खामी आती है या यह किसी वजह से काम करना बंद कर देता है, तो इंटरनेट राउटर्स को समझ नहीं आता कि वे क्या करें और इससे इंटरनेट काम करना बंद कर देता है। बड़े राउटर्स अपने रूट्स को अपडेट करते रहते हैं, ताकि आखिरी सोर्स तक नेटवर्क पैकेट्स को पहुंचाया जा सके। Facebook के मामले में यही गड़बड़ी हुई। Facebook के प्लेटफॉर्म आखिरी डेस्टिनेशन थे और BGP में आई गड़बड़ी के कारण Facebook दूसरे नेटवर्क्स को यह बता नहीं पा रहा था कि वह इंटरनेट पर है।

Facebook, WhatsApp और Instagram में आई गड़बड़ी के पीछे DNS को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। DNS यानी डोमेन नेम सिस्टम इंटरनेट का बेहद जरूरी हिस्सा होता है। यह एक तरह से इंटरनेट के लिए फोनबुक है। यह वह टूल है, जो डोमेन नेम जैसे फेसबुक को असल इंटरनेट प्रोटोकॉल में कन्वर्ट करता है। डीएनएस में आई गड़बड़ी के कारण ही यूजर के ब्राउजर या स्मार्टफोन ऐप Facebook की सर्विसेज तक नहीं पहुंच पा रहे थे।

4 अक्टूबर को हुए ग्लोबल आउटेज के बारे में Facebook ने कन्फर्म कर दिया है कि यह कोई साइबर अटैक नहीं था। कंपनी ने कहा कि इस आउटेज का मुख्य कारण गलत कॉन्फिगरेशन चेंज था। इसके साथ ही कंपनी ने आगे यह भी कहा कि उनके पास अभी ऐसा कोई सबूत मौजूद नहीं है, जो यह पता चले कि इस आउटेज में यूजर्स के डेटा के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है।

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