Home India जानें, आख़िर क्यों गिराए जा रहे हैं Supertech के Twin Tower

जानें, आख़िर क्यों गिराए जा रहे हैं Supertech के Twin Tower

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कई दिनों से ये ख़बर आम हो रही है कि नोएडा के सेक्टर 93ए में मौजूद Supertech के Twin Tower गिराए जा रहे हैं लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि आख़िर ये Twin Tower गिराए क्यों जा रहे हैं।

जानें, पूरा मामला

Supertech को सेक्टर 93ए में 23 दिसंबर 2004 को Emerald Court के नाम पर भूखंड आवंटित हुआ, जिसमें 14 टावर का नक्शा पास हुआ। इसके बाद योजना में तीन बार संशोधन हुआ और दो नए टावर की मंजूरी दे दी गई। ये दोनों टावर ग्रीन पार्क, चिल्ड्रन पार्क और दो मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की जमीन पर बनाए गए। फ्लैट खरीदारों ने इसके खिलाफ पहली बार मार्च 2010 में आवाज उठाई और लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची। दोनों ही अदालतों से टावर को गिराने का आदेश दिया गया।

Supertech ने करीब 15 साल पहले Emerald Court प्रॉजेक्ट की शुरुआत की थी। इसमें 3,4 और 5 बीएचके के फ्लैट हैं। यह सोसायटी नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के नजदीक है। मौजूदा समय में एक फ्लैट की कीमत 1 से 3 करोड़ रुपए तक है। शुरुआत में बिल्डर ने नोएडा अथॉरिटी के सामने जो प्लान दिया था उसके मुताबिक 9 मंजिला 14 टावर बनाए जाने थे। इसके बाद इसमें तीन बार संशोधन किया गया। 2012 में Supertech ने 14 की जगह 15 टावर बनाने का फैसला किया और 9 से बढ़ाकर 14 मंजिल करने का प्लान बनाया। 40 मंजिला दो टावर बनाने का भी प्लान बनाया गया।

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में बिल्डर को दोषी पाया और फ्लैट खरीदारों के हक में फैसला दिया। Twin Tower के निर्माण में नेशनल बिल्डिंग कोड के नियमों का उल्लंघन किया गया। Supertech Emerald Court में जब लोगों ने फ्लैट खरीदा तो Twin Tower के स्थान पर ग्रीन एरिया का वादा किया गया था। सुविधाओं को देखते हुए खरीदारों ने Emerald Court प्रॉजेक्ट में फ्लैट बुक कराए। लेकिन बाद में बिल्डर ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से साठगांठ करके यहां Twin Tower खड़े कर दिए। नियमों के तहत टावर के बीच की दूरी 16 मीटर होनी चाहिए, लेकिन यहां पर सिर्फ 9 मीटर छोड़ी गई। यहां Twin Tower का निर्माण शुरू होने पर खरीदारों को धोखे का अहसास हुआ और उन्होंने कोर्ट का रुख किया।

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