जानें, देश के Top 10 Doctors के बारे में,जिनके काम ने उन्हें बनाया औरों से अलग

0
1671

Doctor को धरती पर भगवान का दर्जा दिया गया है। उन्हें जीवनदाता भी कहा जाता है। Doctors ही हर परिस्थिति में अपना फर्ज निभाते हुए मरीज़ों को बेहतर इलाज मुहिया कराते हैं। उन्हें उनकी ईमानदारी और समर्पण के प्रति सम्मान देने के लिए हर साल 1 जुलाई को National Doctors Day मनाया जाता है।

Corona virus का खतरा सभी जगह हैं। दुनिया में ऐसी कोई जगह नही जहां Corona का खतरा न हो। Corona हो या कोई भी बीमारी, बीमार पढ़ने पर सभी को ‘Doctor’ ही याद आता है। Corona काल में Corona Warrior बन कर Doctors हर वक़्त मरीज़ों की तीमारदारी (रोगी की सेवा) में लगे हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश का पहला कामयाब Doctor कौन था?

बिधानचंद्र रॉय हमारे देश के ऐसे Doctor थे जिन्हें विश्व के Doctors में प्रमुख स्थान दिया गया था। वे रोगी का चेहरा देखकर ही रोग का निदान और उपचार बता देते थे। इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य किया उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ही हर साल एक जुलाई को National Doctors Day मनाया जाता है।

बिधानचंद्र रॉय तो आज हमारे बीच नही हैं लेकिन उनके बाद बहुत से Doctors ने देश को अपनी सेवा दी और देश के टॉप 10 Doctors में अपनी जगह बनाई। आज हम Top 10 of India में आपको उन महान Doctors के बारें में बताने जा रहे हैं जिनको भारत के कामयाब Doctors के तौर पर देखा जाता है।

1 नरेश त्रेहन एक भारतीय हृदय और कार्डियोथोरेसिक सर्जन हैं। डॉ. नरेश त्रेहन का जन्म 12 अगस्त 1946 को पंजाब में हुआ। त्रेहन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड- 2002 दिया जा चुका है, भारत सरकार ने राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया हैं। उनके माता-पिता पाकिस्तान के प्रसिद्ध Doctor थे, लेकिन भारत विभाजन के बाद, वह नई दिल्ली में आकर बस गए थे। बहुत कम लोग जानते हैं कि नरेश बचपन में पायलट बनना चाहते थे। उन्होंने केजी मेडिकल कॉलेज, लखनऊ (1968) से एमबीबीएस किया। इतना ही नही उन्होंने न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में डॉ. फ्रैंक स्पेन्सर के सान्निध्य में हृदय शल्य चिकित्सा का अभ्यास शुरू किया और अब वह भारत के प्रमुख ह्रदय रोग विशेषज्ञों (कार्डियोलॉजिस्ट) में से एक माने जाते हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि नरेश त्रेहन एक कार्यकारी निदेशक और दिल्ली के एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट और रिसर्च सेंटर के मुख्य ह्रदय सर्जन के रूप में, हर महीने बड़ी संख्या में सर्जरी करते हैं। कई अस्पतालों में अपनी सेवाएं देने के बाद आज वे गुड़गांव के हॉस्पिटल ‘मेदांता-द मेडिसिटी’ के अध्यक्ष सह-महानिदेशक हैं। एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीटय़ूट और इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में अपनी यादगार सेवा देने के बाद मरीजों को उम्दा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने मेदांता की स्थापना की। डॉ नरेश के क्लाइंट्स लिस्ट में नरेंद्र मोदी से लेकर मुकेश अंबानी और अमिताभ बच्चन जी तक सब शामिल है।

सम्मानित पुरूस्कार:

  • भारत अंतर्राष्ट्रीय गोल्ड पुरस्कार, 1995
  • राजीव गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार, 1995
  • भारत अंतर्राष्ट्रीय गोल्ड पुरस्कार, 1995
  • भारत अंतर्राष्ट्रीय गोल्ड पुरस्कार, 1995
  • रोटरी रत्न पुरस्कार, 1996
  • लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, 1999
  • पद्म भूषण पुरस्कार, 2001
  • पद्मश्री पुरस्कार
  • ऑनरी फैलो रॉयल ऑस्ट्रेलियाई कॉलेज ऑफ सर्जन, ऑस्ट्रेलिया, 2002
  • ज्वैल ऑफ इंडिया इन दि मिलेनियम, 2002
  • लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, 2002

2 डॉ. सुधांशु भट्टाचार्य एक कार्डियोथोरेसिक सर्जन हैं। अपनी एमबीबीएस पूरी करने के बाद, उन्होंने गुजरात के वाडीलाल साराभाई अस्पताल से सामान्य सर्जरी में एमएस किया, इसके बाद जीएस मेडिकल कॉलेज, केईएम अस्पताल, मुंबई से कार्डियोवस्कुलर थोरेसिक सर्जरी में एम.एच.सी.की। उन्होंने डॉ. डुडले जॉनसन के तहत माउंट सिनाई अस्पताल, यूएसए से एडवांस्ड ट्रेनिंग कोरोनरी बाईपास सर्जरी में फेलोशिप की। वह इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवास्कुलर एंड थोरैसिक सर्जन, एशियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोवस्कुलर सर्जन, इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवस्कुलर एंड थोरैसिक सर्जन के उपाध्यक्ष और इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवस्कुलर एंड थोरैसिक सर्जन के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। बता दें कि उन्हें 2012 में इवान्स्टन, इलिनोइस, यूएसए में आयोजित एक विशेष समारोह में आर्क क्लुम्फ सोसायटी के सदस्य के रूप में घोषित किया गया था।

सम्मानित पुरूस्कार:

  • आकलन वर्ष 1994-95 से 1998-99, नई दिल्ली के दौरान उच्चतम कर दाताओं में से एक होने के लिए राष्ट्रीय सैन
  • 2013 में इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवास्कुलर एंड थोरैसिक सर्जन द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
  • “बॉम्बे के आउटस्टैंडिंग सिटीजन: नॉर्थ बॉम्बे जूनियर चैंबर बॉलरूम में, ताज महल होटल, 1989
  • 13 वें लायंस गोल्ड अवार्ड 2006 में ‘लायंस फेवरेट डॉक्टर’ से सम्मानित किया गया
  • केजी फाउंडेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 2007 द्वारा “पर्सनैलिटी ऑफ द डिकेड अवार्ड”

3 डॉ एस नटराजन एक कामयाब नेत्र विशेषज्ञ के तौर पर पहचाने जाते हैं। नेत्र विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले एस नटराजन बॉम्बे हॉस्पिटल में एक मुख्य सर्जन के रूप में काम करते हैं। कामयाबी का आलम ये है कि वो कॉन्ट्रैक्ट बेसिक पर महीने का 60 लाख रुपए हॉस्पिटल से लेते हैं। डॉ एस नटराजन का जन्म 4 सितम्बर 1957 को तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से 1980 में अपना एमबीबीएस पूरा किया था। प्रोफेसर डॉ. सुंदरम नटराजन आदित्य ज्योत नेत्र अस्पताल के सीएमडी हैं जो मुंबई के प्रमुख नेत्र अस्पतालों में से एक है। नटराजन को चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।

4 डॉ राकेश कुमार माथुर एक जाने माने रेडियोलॉजिस्ट है। वो मैक्स अस्पताल के साथ मिलकर कैंसर पीड़ित मरीजों का इलाज करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि हॉस्पिटल से अंदाजन वो प्रति ऑपरेशन 10 लाख तक फीस लेते है। डॉ राकेश को 35 साल के तजुर्बे होने की वजह से ही काफी लोकप्रियता मिलती है।

5 डॉ बालामुरली अंबति( नेत्र रोग विशेषज्ञ) एक ऐसे युवा Doctor हैं जिनका जन्म 29 जुलाई 1977 को वेल्लोर में हुआ था। वो सिर्फ 17 की उम्र से ही मेडिकल शिक्षा यूनाइटेड स्टेट्स से पूरी करके इंडिया में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और जरूरतमंदो को सस्ती दरों पर भी अपनी सेवाएं देते रहे हैं। बता दें कि वो प्रति ऑपरेशन 7-10 लाख तक फीस लेते हैं। बता दें कि उन्होंने 17 साल की उम्र में दुनिया के सबसे कम उम्र के Doctor के रूप में Guinness Book of World Records में नाम दर्ज कराया।

  1. डॉ देवी प्रसाद शेट्टी (भारतीय कार्डियक सर्जन) बैंगलोर के सबसे मशहूर Doctor के तौर पर पहचाने जाते हैं जिनके चर्चे हमेशा मेडिकल जगत में बने रहते हैं। वो Doctor जिन्होंने अमीर लोगो के इलाज से कमाया पैसा गरीबों लोगो को कम दाम में इलाज दिलवाने के लिए करवाया। डॉ देवी प्रसाद शेट्टी का जन्म 8 मई 1953 को मैंगलोर में हुआ था। बता दें कि वो प्रति ऑपरेशन 15-20 लाख फीस लेते हैं और सरप्लस मनी को दूसरे ऑपरेशन में इस्तेमाल करते हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2012 में मेडिसिन के पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया हैं।

7 डॉ. संदीप वैश्य भारत के सबसे बेहतरीन और प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन में से एक हैं। उनके पास 22 से अधिक वर्षों का एक सफल अभ्यास है। उन्होंने ग्वालियर के प्रसिद्ध जी आर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमएस की पढ़ाई पूरी की है। जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित एम्स से अपना एम.एच.सी.किया। वह दुनिया में ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी के लिए और गामा नाइफ सर्जरी के लिए दक्षिण एशिया में अग्रणी सर्जनों में से एक हैं। बता दें कि डॉ. संदीप वैश्य को भारत के सबसे बेहतरीन मस्तिष्क और रीढ़ वाले सर्जनों में से एक माना जाता है।

उनकी विशेषज्ञता में भारत में इंट्राकैनायल ब्रेन ट्यूमर सर्जरी, डीप ब्रेन स्टिमुलेशन सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव ब्रेन और स्पाइन सर्जरी और इमेज गाइडेड न्यूरोसर्जरी, ब्राचियल प्लेक्सस सर्जरी और स्पाइन सर्जरी शामिल हैं।

8 डॉ. अशोक सेठ (इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट) भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। 32 से अधिक वर्षों के संपन्न अनुभव के साथ, वह 50,000 से अधिक एंजियोग्राम और 20,000 एंजियोप्लास्टी करने के लिए प्रसिद्ध है। उन्हें दुनिया में सबसे अधिक संख्या में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी करने के लिए “लिमका” बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। बता दें कि डॉ. सेठ एशिया पैसिफिक क्षेत्र के पहले कार्डियोलॉजिस्ट हैं जो एंगियोस्कोपी और दिशात्मक एथेक्टोमी करते हैं। इतना ही नही डॉ. सेठ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट ऑफ साइंस (D.Sc.) सम्मान कौसर से सम्मानित किए जाने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार “पद्म भूषण” और “पद्म श्री” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

वह लंदन, एडिनबर्ग और आयरलैंड के सभी तीन रॉयल कॉलेजों की फैलोशिप से सम्मानित होने वाले सबसे कम उम्र के विदेशी Doctors में से एक थे। साथ ही वह एशिया के पहले कार्डियोलॉजिस्ट हैं जिन्हें सोसायटी ऑफ कार्डियक एंजियोग्रफी एंड इंटरवेंशन (यूएसए) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में चुना गया।

9 प्रो. डॉ. सुरेश एच. आडवाणी (मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) 43 वर्षों के अनुभव के साथ एक चिकित्सा, बाल चिकित्सा ऑन्कोलॉजिस्ट और हेमाटो-ऑन्कोलॉजिस्ट हैं। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, 2012 में पद्म भूषण पुरस्कार और 2002 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। उन्हें 2002 में धन्वंतरी पुरस्कार, 2005 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा डॉ. बी. सी. नेशनल अवार्ड, 2014 में राष्ट्रपति क्रांति पुरस्कार, 2014 में उज्जैन और 2005 में हार्वर्ड मेडिकल इंटरनेशनल में ऑन्कोलॉजी में लाइफटाइम अचीवमेंट से सम्मानित किया गया। बता दें कि उन्होंने माइलॉयड ल्यूकेमिया से पीड़ित नौ वर्षीय लड़की में अस्थि मज्जा का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया। डॉ. आडवाणी लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया वाले बच्चों की मदद करने के लिए नैदानिक ​​परीक्षणों का हिस्सा थे।

इतना ही नही वह इंडियन सोसाइटी ऑफ ऑन्कोलॉजी (आईएसओ), मेडिकल एंड पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी सोसाइटी और सचिव, इंडियन जर्नल ऑफ़ हेमाटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न के सदस्य हैं।

10 डॉ. अशोक राजगोपाल भारत के सबसे अनुभवी और सम्मानित ऑर्थोपेडिक सर्जन में से एक हैं। 32 से अधिक वर्षों के एक प्रतिष्ठित अनुभव के साथ, उनके पास 25,000 कुल घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी को पूरा करने का एक रिकॉर्ड है। डॉ. राजगोपाल भारत के राष्ट्रपति के मानद सर्जन थे। बता दें कि खेल चिकित्सा में एक विशेषज्ञ होने के नाते उन्होंने पुलेला गोपीचंद (बैडमिंटन खिलाड़ी, पुणे में 1994 के राष्ट्रीय खेलों में युगल खेलने के दौरान घुटने की चोट का खतरा पैदा करने वाले कैरियर का सामना किया) जैसे कई प्रसिद्ध खेल व्यक्तियों का इलाज किया था। इतना ही नही वह भारत में द्विपक्षीय कुल घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी और MIS Unicompartmental सर्जरी करने वाले पहले ऑर्थोपेडिक सर्जन भी हैं। वह 12 घंटों के भीतर 28 घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी करने का एक अनूठा अनुभव रखते हैं। उनको प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जो चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।

जिस प्रकार ये Doctors इंसानों की सेवा कर देश का नाम रोशन कर रहें हैं उसके लिए AB STAR News इनका आभार वयक्त करता है।

यह भी पढ़ें – देश के ऐसे क़ाबिल Neta जिनकी क़ाबिलियत से रोशन हुआ समाज

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है