जानें क्या है धनु संक्रांति, इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से मिलता है लाभ

साल 2020 का अंतिम महीना चल रहा है। इस महीने में भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे। ध्यान दें कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से सभी शुभ कार्य बंद हो जाएंगे और खरमास शुरू हो जाएगा। इसके बाद जनवरी में 14 जनवरी को सूर्यदेव का मकर राशि में प्रवेश मकर संक्रांति को होगा।

धनु संक्रांति सूर्य का धनु राशि में प्रवेश ही धनु संक्रांति कहलाता है। इसी के साथ खरमास का आरम्भ हो जाएगा। खरमास में विवाहादि मांगलिक एवं शुभ कर्मों को वर्जित किया गया है। जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में विराजमान रहते हैं, उस समय को खरमास कहा जाता है। पौष खरमास का मास है, जिसमें किसी भी तरह के मांगलिक कार्य, विवाह, यज्ञोपवित या फिर किसी भी तरह के संस्कार नहीं किए जाते हैं। तीर्थ स्थल की यात्रा करने के लिए खरमास सबसे उत्तम मास माना गया है। बता दें कि सूर्यदेव संचरण करते हुए वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे। मान्यता है कि धनु संक्रांति पर भगवान सूर्यदेव की पूजा करने से भविष्य सूर्यदेव की तरह चमकता है।

कर्क राशि, सिंह राशि, तुला वालों, कुंभ राशि वालों और मीन राशि वालों के यह राशि परिवर्तन बहुत शुभ है। इस राशि परिवर्तन से कई राशियों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

धनु संक्रांति में करें ये काम

  • धनु संक्रांति के दिन घरों में सत्यनारायण भगवान की पूजा आदि की जाती है।
  • इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
  • धनु संक्रांति के दिन सूर्य देव की आराधना करनी चाहिए।
  • कहते हैं सूर्य की अराधना आपके भविष्य को भी चमकाती है।
  • धनु संक्रांति के दिन ओड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाती है।
  • इस दिन भगवान जगन्नाथ को मीठाभात अर्पित किया जाता है।

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