Home Crime बुलावा तो दिया लेकिन Baraat में नहीं ले गया, दोस्त ने Dulhe...

बुलावा तो दिया लेकिन Baraat में नहीं ले गया, दोस्त ने Dulhe को भेजा नोटिस

0

जब कोई शादी करता है तो अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को निमंत्रण देता है। सभी लोग ख़ुशी ख़ुशी Baraat में शामिल होते हैं लेकिन अगर कोई Baraat में न जा पाए तो क्या होगा? इस सवाल का जवाब मुश्किल नहीं है…साफ़ तौर पर कहें तो ज़रूरी तो नहीं हर दोस्त शादी में ज़रूर जाया जाए और अगर कोई दोस्त किसी वजह से अपने दोस्त की शादी में नहीं जा पाता है तो उसके दोस्त की शादी टूट तो नहीं जाती। आपको ये सुनकर अजीब तो लगेगा लेकिन ये सच है कि निमंत्रण देने के बावजूद Baraat में नहीं ले जाने पर एक युवक ने अपने Dulhe दोस्त पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये का मानहानि का नोटिस भेज दिया है।

जानें, पूरा मामला

हरिद्वार के वकील अरुण भदौरिया ने बताया कि हरिद्वार के बहादराबाद निवासी रवि नामक युवक ने अन्य लोगों के साथ-साथ अपने दोस्त चंद्रशेखर को विवाह का न्यौता दिया था और Baraat में भी चलने के लिए कहा था, लेकिन दूल्हा रवि अपने दोस्त को छोड़कर कथित रूप से समय से पहले ही Baraat लेकर चला गया और जब चंद्रशेखर समय पर Baraat में जाने के लिए पंहुचा तो देखा कि वहां कोई नहीं था। उसने आस-पास में पूछा तो पता चला कि Baraat तो जा चुकी थी।

वकील ने बताया कि इस बात को चंद्रशेखर ने अपना अपमान समझा और वह इस कदर मानसिक तनाव में आ गया कि आत्महत्या करने की सोचने लगा और Dulhe पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये के मानहानि का कानूनी नोटिस भेज दिया। चंद्रशेखर के वकील के अनुसार, चंद्रशेखर ने जब अपने दोस्त रवि को फोन किया तो उसने कहा की वह तो Baraat लेकर निकल गए हैं और आप लोगों को अब Baraat में आने की कोई जरूरत नहीं है। आप लोग अपने घर जाओ।

वकील का कहना है कि चंद्रशेखर बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में आ गया था और वह इस अपमान को सहन नहीं कर पर रहा था। उन्होंने बताया कि इस अपमान को लेकर न्याय दिलाने का भरोसा देकर उन्होंने चंद्रशेखर को आत्महत्या करने से रोका। चंद्रशेखर ने अपने दोस्त Dulhe को फोन करके मानहानि का नोटिस भेजने की बात बताई। मगर इसके बाद भी उसके दोस्त ने जब उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया तो उसने Dulhe को 50 लाख रुपये का मानहानि का कानूनी नोटिस भेजते हुए तीन दिन में सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर कानूनी कारवाई करने की चेतावनी दी है।

यह भी पढ़ें – History of Emergency: जानें क्या था आपातकाल की घोषणा का मकसद

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है

Exit mobile version