देश दुनिया में मनाया जा रहा है ‘International Tea Day 2022’

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देश दुनिया में चाय के दीवानों की कमी नहीं हैं। आज भी चाय का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। आज International Tea Day मनाया जा रहा है। आपको शायद ही पता हो कि करीब दो साल पहले तक दुनियाभर में 15 दिसबंर को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस(International Tea Day) मनाया जाता था और अब 21 मई को मनाया जाने लगा है। यह दिन चाय और चाय प्रेमियों को समर्पित है। इस दिन को सेलिब्रेट करे उद्देश्य दुनिया भर में चाय के व्यापार पर और चाय बागानों में श्रमिकों और उत्पादकों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित कराना है।

साल 2004 में भारत के मुंबई शहर में व्यापार संघों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बैठक में 15 दिसंबर को International Tea Day मनाने का फैसला लिया गया। पहली बार 15 दिसंबर 2005 को International Tea Day सेलिब्रेट किया गया था। चाय में कई स्वास्थ्य लाभ भी पाए गए हैं, दुनिया भर में किए गए कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि भी हुई है। पोषक रूप से चाय में प्रोटीन, पॉलीसेकेराइड, पॉलीफेनोल, खनिज और ट्रेस तत्व, अमीनो और कार्बनिक एसिड, लिग्निन, और मिथाइलक्सैन्थिन (कैफीन, थियोफिलाइन, और थियोब्रोमाइन) पाए जाते हैं। चाय के स्वास्थ्य लाभ फाइटोकेमिकल्स से आते हैं जो हमारे शरीर में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं।

दुनिया भर में चाय सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले पेय पदार्थों में से एक है। यही वजह है कि हर किसी का चाय बनाने का अपना एक अलग तरीका भी होता है। किसी को अदरक और इलायची की चाय भाती है तो किसी को कम दूध और किसी को ज्यादा दूध वाली चाय पसंद होती है। कई लोग ब्लैक टी पसंद करते हैं। चाय एक ऐसा पेय है जो कैमेलिया सिनेंसिस के पत्तों से बनता है, जो एशियाई महाद्वीप के लिए एक झाड़ी है। इसकी खेती पहली बार चीन में की गई थी, इसे लेकर एक कहानी प्रचलित है कि एक बार सम्राट शेनॉन्ग अपने बगीचे में बैठे हुए गर्म पानी पी रहे थे।

इसी दौरान एक पेड़ की पत्ती उनके उबलते हुए पानी के कप में गिर गई जिसकी वजह से पानी का रंग बदल गया और महक भी आने लगी। सम्राट ने जब इस पानी को चखा तो उन्हें उसका स्वाद बेहद पसंद आया और इस प्रकार चाय का अविष्कार हुआ। India में चाय के आगमन को लेकर कहा जाता है कि 1824 में बर्मा या म्यांमार और असम की सीमांत पहाड़ियों पर चाय के पौधे पाए गए थे। अंग्रेजों ने 1836 मे भारत में चाय का उत्पादन शुरू किया। पहले खेती के लिए चीन से बीज मंगवाए जाते थे लेकिन बाद में असम चाय के बीजों का इस्तेमाल किया जाने लगा। India में चाय का उत्पादन मूल रूप से ब्रिटेन के बाजारों में चाय की डिमांड को पूरा करने के लिए किया गया था। आज भारत में चाय सबसे लोकप्रिय और सस्ता पेय पदार्थ है।

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