केंद्रीय मंत्री पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों की हक़ीक़त पर क्यों डाल रहे हैं परदा

घर के पास का पड़ोसी हो या देश का, ‘पड़ोसी’ बेहद ज़रूरी होता है। चीन लगातार भारत पर हमला बोलता रहता है ऐसे में सभी को पता है कि चीन के साथ संबंध ख़राब है लेकिन पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल में केंद्रीय मंत्री विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि भारत के किसी भी देश के साथ संबंध खराब नहीं हुए हैं। दरअसल टीएमसी (Trinamool Congress) सांसद सौगात रॉय ने केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन से यह सवाल किया कि ‘क्या पड़ोसी देश जैसे- नेपाल, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और म्यांमार से भारत के संबंध बिगड़े हैं।’ इस पर केंद्रीय मंत्री वी ने साफ-साफ जवाब देते हुए कहा, ‘नहीं।’

देश में आज मनाया जा रहा है राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस, जानें वजह

क्या वाक़ई भारत के अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब हुए हैं या पहले की ही तरह ही बने हुए हैं इस सवाल का जवाब कोई देने को तैयार नही है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि हक़ीक़त क्या है इस बात को जनता के सामने क्यों नही लाया जा रहा है। पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों में गतिरोध के बीच विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने अपने जवाब में कहा कि चीन और पांच अन्य देशों के साथ संबंध बिगड़े नहीं हैं। रॉय ने यह भी पूछा कि चीन के उक्त पांच देशों में से किसी के साथ अच्छे संबंध हैं या नहीं और भारत के पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्तों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

मुरलीधरन ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत अपने पड़ोसियों का सक्रिय राजनीतिक और आर्थिक साझेदार है और इन देशों के साथ विकास परियोजनाओं समेत अनेक परियोजनाओं में शामिल है।’ मंत्री ने कहा कि भारत के उसके पड़ोसी देशों के साथ गहन शैक्षणिक, सांस्कृतिक, कारोबारी और निवेश के संबंध हैं। बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते मंगलवार संसद में बयान देते हुए कहा था कि चीन लद्दाख में लगभग 38,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने बताया, ‘मई के मध्य में, चीन ने पश्चिमी सेक्टर के हिस्सों में LAC पार करने की कोशिश की थी। इसमें गोगरा, कोंगका ला और पैंगॉन्ग झील का उत्तरी किनारा शामिल थे। किसी को भी देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हमारी प्रतिबद्धता पर शक नहीं करना चाहिए। भारत मानता है कि पारस्परिक सम्मान और संवेदनशीलता पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों का आधार है।’ सरकार कितना भी छुपा ले देश की जनता पूरा न सही लेकिन थोड़ा बहुत सच समझने लगी है।

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है