उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बड़ी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए विधान परिषद की ख़ाली पड़ी सीटों को भरने की क़वायद भी शुरू हो गई है। यूपी से विधानपरिषद की चार सीटें ख़ाली पड़ी हुई हैं। इनमें चार नेता नामांकित होंगे। जितिन प्रसाद को विधान परिषद ले ज़ाया जाएगा। पार्टी उन्हें Yogi Cabinet में मंत्री भी बनाने पर विचार कर रही है।

उत्तर प्रदेश में 19 मार्च 2017 को सरकार गठन के बाद Yogi सरकार ने 22 अगस्त 2019 को Yogi Cabinet विस्तार किया था। उस दौरान उनके Cabinet में 56 सदस्य थे। Corona के चलते तीन मंत्रियों का निधन हो चुका है। हाल ही में राज्यमंत्री विजय कुमार कश्यप की मौत हो गई थी। जबकि Corona की पहली लहर में मंत्री चेतन चौहान और मंत्री कमल रानी वरुण का निधन हो गया था। पहले Cabinet विस्तार में 6 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को Cabinet की शपथ दिलाई गई थी, इसमें तीन नए चेहरे भी थे। बता दें कि Yogi Cabinet में 23 Cabinet मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं। मंत्रियों की संख्या कुल 54 है। नियमों के मुताबिक, अभी 6 मंत्री पद खाली हैं। ऐसे में Yogi सूत्रों का दावा है कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले Cabinet विस्तार किया जाएगा। इसमें ओबीसी, ब्राह्रण के साथ ही अन्य जातियों को साधने की कोशिश हो सकती है।

जितिन प्रसाद UP के क़द्दावर ब्राह्मण परिवार से आते हैं,। ब्राह्मणों की नाराज़गी दूर करने के लिए जितिन प्रसाद को UP में मंत्री बनाया जा सकता है। दूसरा नाम संजय निषाद का है, जिन्हें UP विधान परिषद में भेजा जा सकता है। संजय निषाद, निषाद पार्टी के संस्थापक हैं और बीजेपी के सामने दबाव बना रहे हैं कि उन्हें उपमुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करके चुनाव मैदान में उतारा जाए। ख़बरों के मुताबिक संजय निषाद को विधान परिषद भेजा जा सकता और संजय निषाद को मंत्री भी बनाया जा सकता है। उनके बेटे प्रवीण निषाद संत कबीर नगर सीट से लोकसभा सांसद हैं। कुल मिलाकर आने वाले वक्त में Yogi सरकार के Cabinet विस्तार में चार से छह मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।

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