Mukhtar Ansari को यूपी लाने में योगी सरकार ने क्यों लगा दी पूरी ताकत ?

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उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के माफिया डॉन और बसपा के विधायक Mukhtar Ansari को यूपी की योगी सरकार, आखिरकार यूपी की बाँदा जेल ले ही आई। पंजाब सरकार के साथ मिलकर Mukhtar Ansari ने जितनी भी चाले चली वो सारी सुप्रीम कोर्ट में धरी की धरी रह गई,और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी पुलिस Mukhtar Ansari को रोपड़ जेल से बाँदा जेल ले आई।

हालांकि यूपी में पहले बाँदा जेल लाये जाने के बाद Mukhtar Ansari को किस जेल में रखना है, ये प्रयागराज की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट तय करेगी।

बहरहाल, हम आपको बताने जा रहै हैं कि बाहुबली Mukhtar Ansari के खिलाफ प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में कौन-कौन से मुक़दमे चल रहे हैं? इन मुकदमों में Mukhtar Ansari पर कितने गंभीर आरोप हैं? मुकदमों का स्टेटस यानी मौजूदा स्थिति क्या है? और फैसला खिलाफ आने पर उसे इन मामलों में अधिकतम कितनी सज़ा हो सकती है?

Mukhtar Ansari के खिलाफ प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में कुल 19 मुक़दमे लम्बित हैं. इनमे से डबल मर्डर का एक मामला फाइनल स्टेज पर है, जिसका ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है और इस पर कभी भी फैसला आ सकता है. इसके अलावा बाकी 9 मुकदमों में से 6 में इन दिनों गवाही के साथ ट्रायल चल रहा है। बाकी तीन मुकदमों में अभी अदालत ने मुख्तार पर आरोप तय नहीं किये हैं।

4 गैंगस्टर के मुकदमे

10 मुकदमों में से अकेले 4 गैंगस्टर के हैं। गैंगस्टर के तीन मुक़दमे गाज़ीपुर जिले के हैं, जबकि एक मऊ जिले का है। इसके अलावा मुख़्तार पर हत्या और जानलेवा हमले के भी मुक़दमे चल रहे हैं।मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में दर्ज एफआईआर में तो Mukhtar Ansari को उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सज़ा हो सकती है। एमपी/ एमएलए कोर्ट में मुख्तार के खिलाफ दस मुक़दमे चल रहे हैं तो एक मुकदमा खुद मुख्तार ने वारणासी जेल में बंद माफिया बृजेश सिंह के खिलाफ दाखिल कर रखा है। मुख़्तार ने इस मामले में गवाही शुरू कराने के लिए फरवरी महीने में कोर्ट से गुहार भी लगाई थी। 20 साल पुराने इस मुक़दमे में ट्रायल फिलहाल रुका हुआ है। बाहुबली मुख्तार के खिलाफ एक चर्चित मुकदमा फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस हासिल करने का भी है,जिसमे कल उसे जमानत भी मिल गई है।

एक नज़र उन मुकदमों पर..

1- मुख्तार के खिलाफ सबसे बड़ा मुकदमा मऊ के दक्षिण टोला थाने में दर्ज डबल मर्डर केस का है। पूर्वांचल के मऊ जिले में साल 2009 में (ए) कैटेगरी के बड़े ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ़ मन्ना की दिन दहाड़े बाइक सवार हमलावरों ने एके-47 का इस्तेमाल कर हत्या कर दी थी। हत्या का आरोप मुख्तार पर लगा था। इस मर्डर केस में मन्ना का मुनीम राम सिंह मौर्य चश्मदीद गवाह था। गवाह होने के चलते राम सिंह मौर्य को सतीश नाम का एक गनर भी दिया गया था। साल भर के अंदर ही आरटीओ आफिस के पास राम सिंह मौर्य और गनर सतीश को भी मौत के घाट उतार दिया गया था। इस मामले में भी Mukhtar Ansari और उसके करीबियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इस मुक़दमे का ट्रायल अब आख़िरी दौर में है और तीन-चार सुनवाई के बाद महीने-दो महीने में फैसला आ सकता है। इस मामले में मुख़्तार पर जेल में रहते हुए हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

2- हत्या का एक और मुकदमा वाराणसी जिले का है. यह मामला कांग्रेस के नेता अजय राय के भाई कृष्णानन्द राय की हत्या से जुड़ा हुआ है. इस मामले में चेतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी. यह मुकदमा इस वक़्त गवाही में चल रहा है. मामले से जुडी तमाम फ़ाइल अभी वाराणसी कोर्ट से स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में नहीं आ सकी है. कांग्रेस नेता अजय राय इस मामले में वादी और गवाह दोनों हैं. इस मामले में भी तेजी से सुनवाई चल रही है।

3- तीसरा मुकदमा आजमगढ़ जिले में हुई हत्या से जुड़ा हुआ है. मुख्तार पर इस मामले में भी आईपीसी की धारा 302 यानी हत्या और 120B यानी साजिश रचने का है. इस मामले की एफआईआर आजमगढ़ के तरवा थाने में दर्ज हुई थी. मुकदमा यूपी सरकार बनाम राजेंद्र पासी व अन्य के नाम से चल रहा है. इस मामले में अभी मुख्तार पर आरोप तय नहीं हुए हैं.

4- Mukhtar Ansari के खिलाफ चौथा मुकदमा हत्या के प्रयास से जुड़ा हुआ है. यह मामला गाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में आईपीसी की धारा 307 और 120 B के तहत दर्ज हुआ था. मुक़दमे की प्रक्रिया साल 2010 में ही शुरू हो गई थी. इसमें मुख्य आरोपी सोनू यादव केस से बरी हो चुका है. मुख्तार का मामला अभी ट्रायल की स्टेज पर है और काफी दिनों से सुनवाई ठप पडी हुई है।

5- Mukhtar Ansari के खिलाफ पांचवा मामला फर्जी शस्त्र लाइसेंस हासिल करने से जुड़ा हुआ है. यह मुकदमा गाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद  थाने में दर्ज हुआ था. इसमें मुख्तार के खिलाफ दो केस दर्ज हुए हैं. पहला आईपीसी की धारा 419, 420 और 467 यानी धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े का है तो दूसरा आर्म्स एक्ट से जुड़ा हुआ है. इस मामले में अभी मुख्तार पर अदालत से आरोप तय होना बाकी है. आरोप तय होने के बाद ही ट्रायल यानी मुकदमा शुरू होगा.

6- Mukhtar Ansari के ख़िलाफ़ छठा मुकदमा वाराणसी के भेलूपुर थाने में धमकी देने से जुड़ा हुआ है. यह मुकदमा साल 2012 से शुरू हुआ है. इसमें आईपीसी की धारा 506 के तहत एफआईआर दर्ज है. इस मामले में अभी मुख्तार पर आरोप तय नहीं हुए हैं. मुक़दमे का केस नंबर 354/12 है.

7- Mukhtar Ansari के खिलाफ इलाहाबाद की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर के चार मुक़दमे चल रहे हैं. इन चारों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं. अदालत ने चारों मामलों में मुख्तार पर आरोप भी तय कर दिए हैं. चार में से तीन मामले गाज़ीपुर जिले के अलग-अलग थानों के हैं, जबकि चौथा मऊ जिले का है. पहला मामला गाज़ीपुर के कोतवाली थाने का है. इस मामले में आरोप पत्र दाखिल है और मामला साक्ष्य यानी ट्रायल के स्तर पर है। मुक़दमे का नंबर 7/12 है.

8- Mukhtar Ansari के खिलाफ आठवां मामला भी गैंगस्टर का ही है. यह मामला गाज़ीपुर के करांडा थाने से जुड़ा हुआ है. इस मामले में आरोप तय हैं और मुक़दमे का ट्रायल पेंडिंग है. स्पेशल ट्रायल के इस मुक़दमे का नंबर 557/12 है.

9- Mukhtar Ansari के खिलाफ नौवां मामला भी गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई का ही है. इस मामले में गाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद कोतवाली में केस दर्ज किया गया था. यह मुकदमा भी ट्रायल के लेवल पर है, इसका केस नंबर 90/12 है.

10- Mukhtar Ansari के खिलाफ दसवां और आख़िरी मुकदमा भी गैंगस्टर एक्ट का ही है. इस मामले में मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में केस दर्ज है. मुक़दमे का ट्रायल साल 2012 में शुरू हुआ था. इस मामले में अदालत से मुख्तार पर आरोप तय हो चुके हैं. इस मुक़दमे का नंबर 2/12 है.

इस केस में वादी है मुख्तार

इन सबके अलावा प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में मुख्तार का एक और मामला विचाराधीन है. हालांकि इस मुक़दमे में मुख्तार आरोपी नहीं बल्कि वादी है. यह मामला 15 जुलाई साल 2001 का है. मुख्तार अंसारी ने ग़ाज़ीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में माफिया बृजेश सिंह और अन्य के खिलाफ जानलेवा हमला करने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था. इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट वाराणसी जेल में बंद बृजेश सिंह की जमानत की अर्जी को खारिज कर चुका है. जमानत की अर्जी पिछले साल नवम्बर महीने में खारिज की गई थी. इस मामले में ट्रायल रुका हुआ है. गवाही शुरू कराने की मांग को लेकर मुख्तार अंसारी की तरफ से स्पेशल कोर्ट में पिछले महीने ही एक अर्जी दाखिल की गई थी. इस तरह प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में मुख्तार से जुड़े कुल ग्यारह मुक़दमे पेंडिंग हैं. इनमे से दस मुकदमों में वह खुद आरोपी है, जबकि एक में वादी है.

आखिर क्यों यूपी सरकार ने लगा दी पूरी ताकत

यूपी सरकार की दिलचस्पी मुख़्तार के उन्हीं दस मुकदमों में है, जो उसके खिलाफ चल रहे हैं. सरकार की मंशा इन मामलों में मजबूत पैरवी कर मुख्तार को सज़ा दिलाने की है. ऐसा करके सरकार जहां एक तरफ क़ानून का राज स्थापित होने का संदेश देना चाहती है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ मामलों में बाहुबली को सज़ा दिलाकर उसके सियासी सफर को भी समाप्त करने की भी तैयारी में है, अगर मुख्तार को किसी मामले में सज़ा हो जाती है तो चुनाव आयोग के नए नियमों के मुताबिक़ वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा।

अनूप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, यूपी, AB STAR NEWS

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