लोक जनशक्ति पार्टी का नया सियासी विवाद साफ जाहिर कर रहा है कि चाचा Pashupati Kumar Paras व भतीजे Chirag Paswan के बीच की यह राजनीतिक लड़ाई जुबानी तल्खी तक पहुंची, फिर लोक जनशक्ति पार्टी टूटी और अब संविधान और कानून की गेट पर है। 20 जून 2021 को लोक जनशक्ति पार्टी राष्ट्रीय स्तर की बैठक होने वाली है और यह तय करेगा कि आखिर लोजपा पार्टी किसकी है।

खबर के अनुसार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की सूची भी अब काफी अहम रोल निभा रही है, जो Election commission व चिराग गुट के लिए बेहद अहम साक्ष्य साबित होगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कितने सदस्य किस गुट के साथ हैं यह साफ नहीं हुआ है। LJP में करीब दो वर्षों से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची अपडेट ही नहीं हुई है, ऐसे में मामला उलझा हुआ प्रतीत हो रहा है। इसी कड़ी में बीते दिन भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण थे। चिराग पासवान गुट की ओर से Election commission के पास अपना पक्ष रखा गया। इस दौरान चिराग गुट ने 77 सदस्यों के नाम चुनाव आयोग को सौंप भी दिए।

Chirag Paswan ने आयोग से कहा कि चाचा पशुपति नाथ पारस को LJP अध्यक्ष बनाने के लिए राजधानी पटना में बुलाई गई बैठक पूरी तरह से असंवैधानिक थी। Chirag ने कहा केवल 9 सदस्यों ने Paras को पार्टी का अध्यक्ष चुना। उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर LJP के चुनाव चिह्न और झंडे के इस्तेमाल करने पर रोक लगाने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: दिल्ली से गिरफ़्तार हुआ Umed Pahlwan,कई दिनों से पुलिस को थी तलाश

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है