नागरिकता संशोधन विधेयक से असम में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस संग्राम के बीच असम के कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद होने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है।

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 दोनों सदनों में पास हो गया है और राष्ट्रपति के मुहर के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक अब क़ानून बन गया है। तो वही अब देश में लागू भी हो चुका है  लेकिन कई राज्यों में इसका लगातार विरोध भी हो रहा है। तो वही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने इस विधेयक को लागू करने से मना कर दिया हैं।

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गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करके कहा है कि कोई भी क़ानून जो लोगों को धर्म के आधार पर बाँटता हो, असंवैधानिक और अनैतिक हो वो गैरक़ानूनी है भारत की ताक़त इसकी विविधता में है और नागरिकता संशोधन क़ानून इसके आधारभूत सिद्धान्तों का उल्लंघन करता है। लिहाजा, मेरी सरकार इसे पंजाब में नहीं लागू होने देगी तो वही केरल के सीएम पिनरई विजयन ने बिल को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इसे वो अपने राज्य में नहीं लागू करेंगे।

वही छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और एमपी के सीएम कमलनाथ ने कहा कि वो इस क़ानून पर कांग्रेस पार्टी के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर असम में हालात अब भी खराब है। तो वहीं राज्य में बढ़ते तनाव के बीच असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल आज पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।

Image result for नागरिकता संशोधन विधेयक से असम में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बतादें कि नागरिकता संशोधन विधेयक से असम में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस संग्राम के बीच असम के कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद होने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। जिन पार्टियों ने इस बिल का पास कराने के लिए सहयोग दिया वही नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे है। असम के 10 जिलों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।

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