भारत कर रहा सुरंग निर्माण का वैश्विक खिलाड़ी बनने की तैयारी

सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। कड़ाके की ठंड से पहले सुरंग निर्माण क्षेत्र में भारत विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी में है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में बाकायदा सुरंग जोन गठित किया गया है। सुरंग जोन को तकनीकी सहायता देने के लिए सुरंग विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिससे देश में विश्व स्तरीय सुरंग कंसल्टेंट-निर्माण कंपनियां खड़ी हो सकें। इससे चालू सुरंग परियोजनाएं निर्बाध गति से पूरी हो सकेंगी, वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचाल और पूर्वोत्तर में प्रस्तावित टनल परियोजनाओं को अमली जामा पहनाने में मदद मिलेगी।

नई सुरंग परियोजनओं की फिजिबिलटी रिपोर्ट, डीपीआर, सर्वे आदि निर्माण कार्य से पूर्व की गतिविधियों में सुरंग जोन के विशेषज्ञ अहम भूमिका अदा करेंगे। इसके बाद टनल निर्माण के दौरान तमाम प्रकार की तकनीकी दिक्कतें पेश आती हैं, इनको आसानी से सुझलाया जा सकेगा। इससे समय और पैसे की बर्बादी रुकेगी। इसके अलावा मंत्रालय का सुरंग जोन विश्व स्तरीय कंसल्टेंट-निर्माण कंपनियों को खड़ा कर एशियाभर के देशों में सुरंग परियोजनओं पर काम करने की योजना बना रहा है। बता दें कि जोजिला सुरंग, अटल सुरंग, जेड मोड सुरंग आदि परियोजनाओं से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होने के बावजूद सालभर सड़क संपर्क बना रहता है।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने पिछले हफ्ते दो तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ टनल क्षेत्र के जानकार होंगे। ये मंत्रालय के टनल जोन को तकनीकी सहायता मुहैया कराएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों में कई बड़ी टनल परियोजनाएं चल रही हैं। विशेषज्ञों की सहायता से चालू टनल परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। इसके अलावा सरकार उक्त पहाड़ी राज्यों 235 किलोमीटर लंबी नई टनल परियोजनाएं लेकर आ रहा है।

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