किसी इंसान से ज़बरदस्ती कोई काम करवाना जुर्म माना जाता है वहीं किसी का धर्मांतरण कराना तो और भी बड़ा गुनाह है। धर्मांतरण कराने वाले एक गिरोह के खुलासे के बाद CM Yogi एक्शन में आ गए हैं। CM Yogi Adityanath ने जांच एजेंसियों को धर्मांतरण मामले की पूरी तह में जाने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जो भी लोग इस मामले में संलिप्त हैं उनके खिलाफ गैंगस्टर लगाएं, एनएसए में निरुद्ध किया जाए। उनकी प्रॉपर्टी जब्त करने की कार्रवाई की जाए।

जानें पूरा मामला

21 जून को धर्मांतरण करने वाले गिरोह के दो सदस्यों मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम को UP Police के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। यह गिरोह मूक बधिर व कमजोर आय वर्ग के लोगों को धन, नौकरी व शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार करता था। इस गिरोह को ISI समेत अन्य विदेशी एजेंसियों से फंडिंग की जाती थी। गिरोह ने अब तक देश भर में करीब एक हजार लोगों का धर्मांतरण कराने का खुलासा किया है। उनके कब्जे से विदेशी फंड से जुड़े दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैं। ATS इनकी छानबीन कर रही है। एटीएस दोनों को अदालत से Police Custody Remand पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि उसके रैकेट का खुलासा हो सके।

यह गिरोह कई लड़कियों की धर्मांतरण के बाद शादी भी करवा चुका है। गिरोह के सदस्य मोहम्मद उमर गौतम ने खुद भी धर्मांतरण किया था। उसके पिता का नाम धनराज सिंह गौतम है। ATS को देश भर के 1000 ऐसे लोगों की सूची मिली है, जिनका इस गिरोह ने धर्मांतरण कराया है। यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। गिरफ्तार अभियुक्त मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी नई दिल्ली के जामिया नगर इलाके के ग्राम जोगाबाई में रहता है, जबकि उसका सहयोगी मोहम्मद उमर गौतम नई दिल्ली के जामिया नगर इलाके के बाटला हाउस में रहता है। उमर मूल रूप से फतेहपुर का रहने वाला है और उसने 1984 में इस्लाम कबूल कर लिया था।

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