कोरोना के खिलाफ मेड इन इंडिया वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ तीसरे चरण के ट्रायल में 81 फीसदी असरदार साबित हुई है। ये जानकारी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने दी है। कंपनी से मिली जानकारी के मुताबिक वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल 25 हजार 800 लोगों पर किया गया था। ICMR के साथ मिलकर किया गया ये ट्रायल भारत में किया गया अब तक का सबसे बड़ा क्लिनिकल ट्रायल है

कोरोना के खिलाफ वैक्सीन का वार लगातार जारी है। भारत में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत हो चुकी है वहीं अब 1 मार्च से जनता को भी कोरोना का टीका लगना शुरू हो गया है। इस चरण में 60 से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और 45 साल से ज्यादा गंभीर बीमारियों वाले लोगों को कोरोना का टीका लगना शुरू हो चुका है। कोरोना के खिलाफ दो वैक्सीन लगाई जा रही है। जिनमें कोवैक्सीन के अलावा ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड शामिल है।

सरकार से अलग विचार देशद्रोह नहीं- Supreme Court

बता दें कि कोवैक्सीन को ICMR के साथ मिलकर भारत बायोटेक ने बनाया है। इसमें मृत कोरोना वायरस का प्रयोग किया गया है ताकि लोगों को कोई नुकसान ना पहुंचे और वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी पैदा हो सके

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