कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान से जुड़े नियमों में बदलाव किया जा सकता है। Vaccine की पर्याप्‍त डोज उपलब्‍ध न होने की रिपोर्ट्स के बीच, सरकारी पैनल ने कई बदलावों की सिफारिश की है। वैक्सीनेशन पर बने राष्‍ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने कोविशील्‍ड वैक्‍सीन के डोज के मध्य के समय बढाने का फैसला लिया गया है अब लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा

सरकारी पैनल की सिफारिश की थी कि जिनको लैब टेस्‍ट में कोविड होने की पुष्टि हो चुकी है, उन्‍हें रिकवरी के छह महीने तक Vaccine न दी जाए। फिलहाल एक्‍सपर्ट्स रिकवरी के महीने भर बाद Vaccine लगवाने की सलाह देते हैं। सरकारी पैनल की ये भी सिफारिश की थी कि कोविशील्‍ड की दूसरी डोज 12-16 हफ्ते बाद लगाई जाए। यानी अगर आपको पहली डोज मार्च में लगी हो तो दूसरी डोज जुलाई या अगस्‍त में लगे। पहले मार्च में, कोविशील्‍ड की दो डोज के बीच चार से आठ हफ्तों का वक्‍त रखने को कहा था।

और उससे पहले यह समय सीमा चार से छह । विदेशों की बात की जाए तो यूनाइटेड किंगडम और कनाडा में वैक्‍सीन की दूसरी डोज चार महीने बाद दी जा रही है। भारत में एस्ट्राजेनेका की Vaccine बना रहे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि अगर डोज के बीच दो-तीन महीने का अंतर हो तो Vaccine 90% तक असरदार हो जाती है। पैनल ने कहा है कि जो महिलाएं गर्भवती है उन महिलाओं को कोई भी वैक्‍सीन लेने की छूट देनी चाहिए। यह भी कहा गया महिलाओं को डिलिवरी के बाद किसी भी वक्‍त टीका लगा दिया जाना चाहिए।

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