10 सालों में 27150 किन्नरों की संख्या में हुई वृद्धि

महिला, पुरुष के बीच हमारे समाज में किन्नर भी रहते हैं। कुछ वक़्त पहले तक किन्नरों को लेकर लोगों की सोच अच्छी नहीं थी लेकिन वक़्त, समाज के बदलते सरोकार के बीच लोगों में किन्नरों के प्रति सोच बदल रही है। शहर की एक Private social institution की ओर से हुए सर्वेक्षण में किन्नरों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आयी है। इसमें सबसे खास है कि प्रदेश में हर साल लगभग 3000 किन्नरों की संख्या बढ़ रही है।

किन्नर यानी समाज का ऐसा वर्ग जिसके बारे में जानने की जिज्ञासा लोगों में अक्सर बनी रहती है। यदि हम उनके बीच जाकर उनकी वास्तविक परिस्थितियों से रूबरू हों तो कई रोचक तथ्य सामने आते हैं। बता दें कि 2011 की जनगणना के मुताबिक प्रदेश में किन्नरों की संख्या 137465 थी, जो प्राप्त सर्वेक्षण में इनकी संख्या लगभग 164615 हो गई है। 10 वर्षों में 27150 का इज़ाफ़ा हुआ है।

Shirdi Sai Baba के दर्शन के लिए अब नहीं जुटेगी भीड़

Abul Kalam Public Service Institute के सचिव नाजिम अंसारी और नई दिल्ली की संस्था Indo Global Social Society की तरफ से किए गए सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में सबसे ज्यादा किन्नरों की संख्या आगरा मंडल में 14915 है। Banaras मण्डल में 12620, Moradabad मंडल में 9790 है। साथ ही Prayagraj मंडल में 8808 किन्नर हैं। यह आंकड़े प्रदेश के 20 जिलों में 293 किन्नरों से बात करके प्राप्त किया गया।

नाजिम अंसारी, Secretary Abul Kalam Azad Janseva Sansthan कहते हैं कि किन्नरों की स्थिति-परिस्थिति को समाज और सरकार के संज्ञान में लाने के लिए एक दशक से निरंतर प्रयास चल रहा है। किन्नरों के जीवन में खुशहाली आए, इसके लिए Kinnar Welfare Board बनाने के मांग की गई है।

हिन्दू धर्म में हैं सबसे ज्यादा किन्नर

  • धार्मिक आधार पर देखें तो किन्नरों की संख्या 74 प्रतिशत हिन्दू धर्म में, 25 प्रतिशत मुस्लिम और एक प्रतिशत सिख धर्म में है।
  • 27 प्रतिशत किन्नर कक्षा एक से 9 तक, 4% 10 वीं तक, 3% 12 वीं और 2 % स्नातक हैं।
  • सर्वेक्षण के अनुसार 3-10 साल की उम्र में 29% किन्नर। 11-15 की उम्र में 40% और 16-22 की उम्र में 30% किन्नर घर छोड़ देते हैं।
  • सर्वेक्षण के मुताबिक 57% लोग किन्नरों को बुरे नामों से बुलाते हैं।
  • 64% पुलिस के लोग परेशान करते हैं।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं