TV पर न जाने क्या क्या दिखा दिया जाता है, अगर TV न देखें तो बच्चे Mobile Phone पर अलग अलग Sites पर कुछ न कुछ आपत्तिजनक चीज़े देख रहे होते हैं। Supreme Court ने गुरुवार को OTT Platform की Screening को जरूरी बताते हुए कहा कि इन Platforms पर Porn तक दिखाया जा रहा है। Supreme court ने कहा कि इस तरह के Program की निगरानी के लिए व्यवस्था की जरूरत है।

Supreme Court ने Central Government को Social Media Platforms के Regulation को लेकर तैयार Guidelines को भी पेश करने को कहा। बता दें कि Webseries तांडव के खिलाफ चल रही जांच में Allahabad High Court के आदेश के खिलाफ अमेजन की India head Aparna Purohit की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान Justice Ashok Bhushan ने कहा, ”इंटरनेट और OTT पर सिनेमा देखना आम हो गया है। इस पर Pornography तक दिखाया जा रहा है।” बेंच ने Solicitor General Tushar Mehta को हाल ही में Social Media के लिए जारी गाइडलाइन्स को भी पेश करने को कहा।

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सुनवाई के दौरान Supreme Court में पुरोहित की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनकी क्लाइंट के खिलाफ करीब 10 केस दर्ज किए गए हैं, जबकि वह केवल एक कर्मचारी हैं, नाकि प्रोड्यूसर जो की OTT Platforms पर Web Series की स्ट्रीमिंग करते हैं।

High Court ने 25 फरवरी को पुरोहित को गिरफ्तारी से संरक्षण देने से इनकार कर दिया था और Anticipatory bail petition के आवेदन को खारिज कर दिया था। पुरोहित की याचिका खारिज करते हुए High Court ने कहा था कि इस तरह के लोग Majority Community के धर्म के प्रतिष्ठित चेहरों को बेहद खराब तरीके से पैसा कमाने जा जरिया बनाते हैं और देश की सहिष्णु परंपरा का फायदा उठाते हैं।

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