दूर दूर से ‘बोलने वाले पहाड़’ को देखने आते हैं लोग

पहाड़ खुद में न जाने क्या क्या समेटे हुए होता है ये कोई नहीं जानता। आपने भी कई पहाड़ों को देखा होगा, लेकिन क्‍या आपने कभी बोलते हुए पहाड़ को देखा है? अगर नहीं तो बिहार जाकर आप भी देख सकते हैं बोलते पहाड़ को। इस पहाड़ को देखने के लिए आपको विदेश नहीं बल्कि बिहार तक ही जाना होगा।

जानें, कहां स्थित हैबोलता पहाड़

ये ख़ास पहाड़ नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड के तरौन गांव में स्थित है। बता दें कि यह जिला मुख्यालय तकरीबन 41 किलोमीटर दूर है। इस इलाके की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है। जंगलों के बीच मनोरम वादियों में स्थित इस पहाड़ के नीचे एक स्थान से कुछ बोलने के बाद वही आवाज़ लौटकर वापस आती है। इसीलिए ग्रामीण इसे बोलता पहाड़ कहते हैं। आसपास के जिलों के लोग अक्सर यहां की इस खूबी को देखने के लिए पहुंचते हैं। दरअसल पहाड़ के नीचे एक प्वाईंट है, जहां से बोलने पर आवाज लौटकर आती है। उस प्वाईंट को प्रशासन की तरफ से व्यवस्थित किया गया है। अगर बाहर से कोई शख्स कौआकोल पहुंचता है तो बोलता पहाड़ को देखना नहीं भूलता।

बोलता पहाड़ तक पहुंचने के लिए रास्ते का निर्माण कराया गया है। यहां सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्य के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है। जल्‍दी ही यह कार्य आरंभ हो जाएगा।

तरौन में जंगली इलाके के बीच बड़े-बड़े काले चट्टानों से यह पहाड़ सरीखा बना है। चट्टान एक दूसरे पर इस कदर रखे हुए हैं, मानों हाथ लगाओ तो गिर जाएं। हालांकि, ये चट्टान कभी नहीं गिरते हैं। पहाड़ी पर दुर्लभ जंगली जड़ी-बूटी भी मिलती है। आयुर्वेद के जानकार लोग यहां से जड़ी-बूटी ले जाते हैं।

पर्यटन की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी इसका सौदर्यीकरण कराया गया है। पहाड़ तक पहुंचने वाले मार्ग को सुदृढ़ किया गया है। साल के पहले दिन लोग इस स्थान पर पिकनिक का भी आनंद लेते हैं। आसपास के गांवों के लोग यहां घूमने के लिए पहुंचते रहते हैं।

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है