यूपी में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी पार्टियों ने कमर कस ली है…एक साल बाद विधानसभा चुनाव हैं लिहाजा सभी पार्टियां पंचायत चुनाव की अहमियत को बखूबी जानते हैं…बीजेपी जहां सरकार के 4 साल के काम सहारे पंचायत चुनाव में जीत की राह तैयार करने की कोशिश कर रही है। वहीं समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस के लिए चुनौती आसान नहीं होने वाली..तीनों ही पार्टियां गांव की गलियों के सहारे  अपना खोया जनाधार वापस पाने के लिए जतन कर रही हैं। सभी सियासी पार्टियों को अच्छे से पता है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल से कम नहीं है क्योंकि इन्हीं चुनावों के जरिए इन पार्टियों के सियासी भविष्य का ताना बना तैयार होना है।

सियासी पार्टियां तो पूरी जोर आजमाईश में लगी हैं लेकिन छोटी पार्टियां पंचायत चुनाव में बड़ी पार्टियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं..या यूं कहें कि पंचायत चुनाव में छोटी पार्टियां बड़ी पार्टियों का खेल बिगाड़ सकती हैं। दरअसल सभी पार्टियां चाहती हैं कि ज्यादा से ज्यादा पंचायत प्रमुख पद जीतकर ये दिखाया जाए की जनता उनके साथ खड़ी है। बीजेपी तो पंचायत चुनाव में आर-पार के मूड में नजर आ रही है वहीं दूसरी ओर एसपी बीएसपी और कांग्रेस सरकार विरोधी माहौल तैयार कर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन दूसरी ओर यूपी में छोटे दल राष्ट्रीय लोकदल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम, आजाद समाज पार्टी, प्रगतिशील समाज पार्टी और पीस पार्टी भी चुनावी मैदान में उतरकर अपनी ताकत आजमाने में जुटे हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने तो 10 छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन कर भागीदारी संकल्प मोर्चा तैयार कर लिया है..मतलब पंचायत चुनाव के सहारे 2022 का रास्ता तैयार करने की कोशिश की जा रही है..आरएलडी भी ऐलान कर चुकी है कि पंचायत चुनाव पूरे दमखम के साथ लड़ा जाएगा।

यूपी पंचायत चुनाव:  कोरोना को लेकर सावधानी है जरूरी

अब छोटी पार्टियों को इसमें कितनी कामयाबी मिलती है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा क्योंकि छोटी पार्टियों के लिए पंचायत चुनाव किसी टेस्टिंग ग्राउंड से कम नहीं है…और अगर पंचायत चुनाव में छोटी पार्टियां कमाल करती हैं तो इसका असर विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा…क्योंकि अगर ओवैसी और ओमप्रकाश राजभर की पार्टी पंचायत चुनाव में अच्छा करती है तो विधानसभा चुनाव में 8 से 10 सीटों को ये पार्टियां प्रभावित भी कर सकती हैं।

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