अब ‘Same Sex Marriage’ को नहीं माना जाएगा मान्य!

शादी के बाद हर किसी की शादी को मान्य माना जाता है लेकिन आज भी समाज में समलैंगिकों का साथ रहना अच्छा नहीं माना जाता हैं। Same Sex Marriage को मंजूरी देने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर अपना रुख जाहिर करते हुए Central Government ने Delhi High Court में इसका विरोध किया है। सरकार ने 25 फ़रवरी को कहा कि एक ही लिंग के जोड़े का साथ Partner की तरह रहना और यौन संबंध बनाने की तुलना Indian Family से नहीं हो सकती।

समाज कितना भी बदल जाए लेकिन कुछ चीज़ों में आज भी समाज की सोच नहीं बदली है। Hindu Marriage Law और Special Marriage Law के तहत Same Sex Marriage को मंजूरी देने की मांग को लेकर दायर याचिका के जवाब में केंद्र सरकार ने अपना रुख़ कोर्ट में पेश किया है। Same Sex Marriage को मंजूरी देने की मांग को लेकर High Court में कई याचिकाएं दायर की गई है। इनमें दो महिलाएं भी हैं जो पिछले कई सालों से साथ रह रही हैं और उन्होंने Same Sex Marriage को मंजूरी देने की मांग की है।

Shahjahanpur की मदरसे वाली घटना का I.G. ने किया खुलासा

Central Government ने कहा कि शादी दो व्यक्तियों का मामला हो सकता है, जिसका उनकी निजी जिंदगी पर असर होता है, लेकिन इसे केवल निजता की अवधारणा में नहीं छोड़ा जा सकता है। सरकार ने कहा, ”पार्टनर की तरह साथ रहना और Same Sex के साथ यौन संबंध रखने की तुलना भारतीय परिवार ईकाई से नहीं हो सकती है, जिसमें एक पति, पत्नी और बच्चे होते हैं। इसमें एक जैविक पुरुष ‘पति’ होता है, जैविक महिला ‘पत्नी’ और इनके मिलन से बच्चे पैदा होते हैं।”

Central Government ने Delhi High Court से कहा कि संवैधानिक पीठ मौजूदा अधिकारों की विश्लेषण कर सकती है, लेकिन Judicial Decision से नए अधिकारा नहीं बना सकती है। केंद्र ने कहा कि Same Sex Marriage को Legal Recognition देने के लिए दायर याचिकाएं असमर्थनीय हैं।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है