ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोविड-19 संक्रकण की संभावित वैक्‍सीन Covovax के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए संशोधित Protocol को मंजूरी दे दी है। यह ट्रायल बिना Placebo के किया जा सकेगा। इससे शोधकर्ताओं को दवा या Vaccine के प्रभावीकरण को परखने में मदद मिलती है।
कोवोवैक्‍स को पुणे में स्थित Serum Institute of India अमेरिका की कंपनी Novavax के साथ मिलकर बना रहा है। संशोधित Guidelines के तहत भारत के 20 अलग-अलग जगहों पर 18 साल से अधिक उम्र के 1800 वॉलंटियर्स को Covovax लगाई जाएगी।
ICMR-NARI के प्रमुख शोधकर्ता Dr. Abhijit Kadam ने जानकारी दी है कि कोवोवैक्‍स का Trial जून के मध्‍य में शुरू होने की संभावना है यह ट्रायल भारत के 20 जगहों पर किया जाएगा। इसके लिए Volunteers की भर्ती भी जल्‍द की जाएगी। कोवोवैक्‍स के प्रारंभिक Third Stage के ट्रायल के शोध के हिस्‍से को मंजूरी तब मिली थी जब Data Safety Monitoring Board के सामने 200 प्रतिभागियों से प्राप्‍त Safety Data पेश किया गया था
अगस्‍त 2020 में अमेरिकी कंपनी Novavax ने भारतीय कंपनी एसआईआई के साथ NVX-CoV2373 को बनाने और उसे निम्‍न और मध्‍यम आय वाले देशों में बेचने के लिए लाइसेंस अनुबंध किया था।

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