रवीश कुमार पत्रकारिता में एक जाना माना नाम है। पत्रकार रवीश कुमार मोदी सरकार के नए ट्रैफिक जुर्माने पर गुस्से में दिखाई दिए।

कुछ समय से देखा जा रहा है कि मोदी सरकार के कुछ फैसलों का बहुत सारे लोग विरोध कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही मोदी सरकार ने असम में आखिरी एनआरसी लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में असम के 1900000 लोगों का नाम शामिल ना होने की वजह से राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई। विपक्षी पार्टी के नेताओं ने ही नहीं बल्कि बीजेपी पार्टी के नेताओं ने भी एनआरसी लिस्ट पर अपना विरोध दर्ज कराया।

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रवीश कुमार ने दिया मोदी सरकार के ट्रैफिक जुर्माने पर बड़ा बयान...अब हाल ही में मोदी सरकार ने नए ट्रैफिक नियम लागू किए हैं जिसका जुर्माना कभी-कभी इतना ज्यादा हो जाता है कि वह वाहन के दाम से भी ज्यादा दिखाई पड़ता है। जिसकी वजह से विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस पर अपना विरोध दर्ज कराया है। एक सर्वे के मुताबिक देश की जनता भी इससे बिल्कुल भी खुश होती नजर नहीं आ रही है। यह तब और ज्यादा चर्चा का विषय बन गया जब एक स्कूटी की कीमत ₹15000 थी लेकिन उस पर ₹23000 का चालान कर दिया गया।

रवीश कुमार ने दिया मोदी सरकार के ट्रैफिक जुर्माने पर बड़ा बयान...जानकारी के लिए बता दें कि मोदी सरकार ने जो यातायात पर नियम बनाए हैं देश की कई सरकारें अपने राज्य में यह नियम लागू नहीं कर रही है। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश शामिल है। मोदी सरकार के ट्रैफिक जुर्माने के नियम को लेकर अब पत्रकार रवीश कुमार का भी बड़ा बयान सामने आया है।

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रवीश कुमार ने दिया मोदी सरकार के ट्रैफिक जुर्माने पर बड़ा बयान...रवीश कुमार पत्रकारिता में एक जाना माना नाम है। हाल ही में उन्हें मैग्सेसे अवार्ड से भी नवाजा गया है। पत्रकार रवीश कुमार मोदी सरकार के नए ट्रैफिक जुर्माने पर गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा है कि ट्रैफिक जुर्माना ठोकने का यह बोगस विचार साल 2016 से ही चल रहा था। उन्होंने अपने ब्लॉग में आगे लिखते हुए कहा कि एक गरीब देश में ₹10000 वसूलने की तरकीब जनता को बेचैन कर रही है उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब प्रस्ताव बन रहा था तब क्यों नहीं इसका विरोध किया गया अब मजाक उड़ाने से क्या फायदा?