गोगोई के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े देश के 47वें चीफ जस्टिस होंगे।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। आपको बता दें कि चीफ जस्टिस गोगोई के कामकाज का आज आखरी दिन है क्योंकि फिर शनिवार और रविवार है। जस्टिस गोगोई का सफर चीफ जस्टिस के रूप में साढ़े 13 महीने तक का रहा। इस दौरान उन्होंनें कुल 47 फैसले सुनाए हैं। जिनमें से कुछ ऐतिहासिक फैसले भी मौजूद हैं। गोगोई के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े देश के 47वें चीफ जस्टिस होंगे।

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चीफ जस्टिस गोगोई के बारे में कुछ बातें

2001 में बने थे हाई कोर्ट में जज :- जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1978 में गुवाहाटी हाई कोर्ट में एक वकील के तौर पर की थी। 28 फरवरी 2001 को उन्‍हें गुवाहाटी हाई कोर्ट में जज बनाया गया था।

चीफ जस्टिस बन्ने के लिए 10 साल का सफर किया तय :- 12 फरवरी 2011 को उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का चीफ जस्टिस बनाया गया। वह इस पद पर एक साल तक रहे और फिर अप्रैल 2012 में उन्हें SC में लाया गया।

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कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए याद आएंगे गोगोई

  1. अयोध्या विवादित भूमि मामला – जस्टिस गोगोई ने रिटायर होने से पहले देश के दशकों पूराने अयोध्या रामजन्मभूमि मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। SC ने अयोध्या की विवादित जमीन को रामलला के पक्ष में दिया और मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में अलग से 5 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है।
  2. सबरीमाला केस – केरल के सबरीमाला केस को लेकर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के संचालन में 5 जस्टिस के संविधान पीठ ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की है। फिलहाल मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का फैसला बरकरार रहेगा। अब 7 जजों की बैठक इस मामले में सुनवाई करेगी।
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  3.  राफेल डील – जांच के लिए दाखिल रिव्यू पिटिशन को SC ने खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस गोगोई के संचालन वाली संविधान पीठ ने सरकार को क्लीनचिट दे दी है। संविधान पीठ ने कहा कि मामले की अलग से जांच करने की कोई आवश्वयकता नहीं है।

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