Bhopal: Muslims seen outside the Moti Masjid during the first day of the holy fasting month of Ramadan, in Bhopal, Monday, May 6, 2019. (PTI Photo)(PTI5_6_2019_000289B)

Coronavirus के ख़तरे के बीच रहमतों और बरकतों का महीना कहा जाने वाला ‘रमज़ान’ शुरू हो गया है। रमज़ान के महीने में इबादत करने और तरावीह को मुकम्मल तरीके से पढ़ कर बरकतों और रहमतो को हासिल किया जाता है। रोज़े रखने से तमाम रोगों से छुटकारा मिलता है ऐसा हमेशा में माना जाता रहा है।

रमज़ान के महीने की बहुत अहमियत है। दरअसल इस महीने में इबादत का सवाब(पुण्य) बड़ा दिया जाता है। मुसलमानों को चाहिये कि वह रमज़ान के महीने की कद्र करें और रोज़े रखें। रोज़े रखने से तमाम बीमारियों से निजात मिल सकती है। सभी को चाहिए कि वे तरावीह का भी अहतमाम करें।

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रमज़ान का महीना रहमतो और बरकतों का महीना होता है। इस महीने में कसरत से इबादत करें रोजे़, नमाज और तरावीह का एहतमाम करें। डाक्टरों की सलाह के मुताबिक एक महीने के रोजे़ रखने से बहुत सी बीमारियों से निजात मिल जाती है। इंसान के जिस्म में नया खून बनता है और खून में शामिल बीमारी दूर हो जाती है। मस्जिद के इमाम ने सरकार की गाइड लाइन का ख्याल रखने, मास्क लगाकर मस्जिद में आने की अपील की।

बेशक ये महीना इबादत का है लेकिन सभी लोग इस बात का भी ध्यान रखें कि Coronavirus किसी की लापरवाही को नहीं बख्शता। आपकी ज़रा सी लापरवाही आपके साथ साथ आपके आस पास के लोगों को भी ख़तरे में डाल सकती है इसलिए जो भी करें लेकिन खुद का ख्याल रखें।

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