गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया की आखिर उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस को ही क्यों चुना?

जब से राजनाथ सिंह ने भारत के रक्षा मंत्री की कमान संभाली है तब से वह कुछ न कुछ साहसिक कार्य कर ही रहे है। कभी जवानों के बीच जाकर उनका हौंसला बढ़ाते हैं। तो कभी भारतीय वायूसेना के जवानों के साथ मिलकर हवा में करतब दिखाते है। गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेसी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी।

IAF के बेड़े में 8 अपाचे, ये लड़ाकू हेलीकॉप्टर मिनटों में उड़ा देंगे दुश्मन के परखच्चे

'तेजस' से उड़ान भरने वाले राजनाथ सिंह देश के पहले रक्षा मंत्री बने

इस दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लगभग तीस मिनट तक हवा में तेजस विमान की ताकत को भांपने का काम किया। इसके साथ ही वह तेजस में विमान भरने वाले भारत के पहले रक्षा मंत्री भी बन गए है। सफल उड़ान के बाद रक्षा मंत्री ने मीडिया से बात की और कहा कि तेजस स्वदेसी विमान है, इसमें उड़ान भरना उनके लिए गर्व की बात है।

इस दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया की आखिर उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस को ही क्यों चुना? उन्होंने कहा कि मैंने तेजस को इसलिए चुना, क्योंकि ये देसी विमान है। मैं चाहता था कि देसी विमान में उड़ान भरूं। भारत की जनता को अपनी वायुसेना, थल सेना और नेवी पर गर्व है और पूरा विश्वास भी है। उड़ान भरने के बाद गृह मंत्री काफी उत्साहित नजर आये और तेजस विमान की ताकत से पूरे देश को अवगत करवाया।

राजनाथ सिंह ने मीडिया से कहा, ‘आज तेजस में बैठने का अवसर मिला, मैं जब उड़ान भर रहा था तो पायलट से बात कर रहा था और विमान के बारे में जानकारी भी ले रहा था। ’रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजस पूरी तरह से भारत में बना है और दुनिया के दूसरे देश भी इसे मांग रहे हैं. तेजस को एक्सपोर्ट करने का सिलसिला भी अब भारत ने शुरू कर दिया है।

DRDO का मानव रहित विमान का परीक्षण हुआ फेल, जानिए क्या रही इसकी वजह

'तेजस' से उड़ान भरने वाले राजनाथ सिंह देश के पहले रक्षा मंत्री बने

तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर तेजस की वो कौन सी खूबियां है जिसको जानने के लिए रक्षा मंत्री ने खुद इसमें उड़ान भरने का फैसला किया।

क्या हैं तेजस की खूबियां?

'तेजस' से उड़ान भरने वाले राजनाथ सिंह देश के पहले रक्षा मंत्री बने

  • तेजस हवा से हवा में हवा से जमीन पर मिसाइल दाग सकता है
  • इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं
  • तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है
  • तेजस सिंगल सीटर पायलट वाला विमान है, लेकिन इसका ट्रेनर वेरिएंट 2 सीटर है
  • यह अब तक करीब 3500 बार उड़ान भर चुका है
  • तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है
  • LCA तेजस को विकसित करने की कुल लागत 7 हजार करोड़ रुपए रही है

हवा में बातें करना वाला तेजस विमान भारतीय सेना में मिग -21 की जगह लेगा। तेजस इसलिए भी खास है क्योंकि यह विमान हवा से हवा में हवा से जमीन पर मिसाइल दागने की क्षमता रखता है। इसके अलावा इसमें एंटीशिप मिसाइल, रॉकेट औऱ बम भी लगाए जा सकते है। जिसके चलते यह भारतीय वायुसेना की ताकत को बढ़ाने का काम करेगा। भारतीय वायुसेना के बेंडे में तेजस के शामिल होने से चीन और पाकिस्तान टेंशन में आ गए है।