देश एक बार फिर कोरोना संकट से जूझ रहा है लेकिन इस बीच वैक्सीन की किल्लत की खबरें भी सामने आ रही है। जिसके बाद सवाल खड़े होने लगे हैं कि सचमुच vaccine कम है या फिर पॉलिटिक्स ज्यादा हो रही है। इस बीच कोरोना संकट और vaccine की कथित कमी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज ग्रुप ऑफ मिनिस्टर के साथ बैठक करेंगे। बता दें कि हर्षवर्धन ने वैक्सीन की किल्लत पर नाराजगी जताते हुए सवाल पूछा कि टीके की कमी के सवाल कहां से और क्यों उठ रहे हैं? उन्होंने इन सवालों को समझ से परे बताया था

हर्षवर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार vaccine की सप्लाई कर रहा है साथ ही सप्लाई बढ़ाने पर भी स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार जोर दे रहा है। अभी तक 9 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है।

दरअसल कई राज्य सरकारों ने vaccine कम होने का दावा किया है। महाराष्ट्र, दिल्ली, ओडिशा, यूपी और झारखंड समेत कई राज्यों में पर्याप्त कोरोना टीके का स्टॉक ना होने की वजह से केंद्रों पर वैक्सीनेशन का काम रोक दिया गया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन की कमी है जिसकी वजह से लोगों को टीका लगाए बिना ही वापस भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं राजेश टोपे ने केंद्र सरकार पर महाराष्ट्र के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है

टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र की आबादी को देखते हुए सरकार ने अब तक 1 लाख vaccine का स्टॉक मुहैया कराया है वहीं गुजरात में ये आंकड़ा एक करोड़ का है। राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र के मुकाबले गुजरात में आबादी कम है लेकिन सरकार वहां ज्यादा vaccine मुहैया करा रही है। महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार से हर हफ्ते 40 लाख वैक्सीन की मांक की है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजाना 6 लाख vaccine लगाई जा रही है इसलिए सरकार को महाराष्ट्र पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्यैंद्र जैन ने भी वैक्सीन की कमी का दावा दिया है और केंद्र सरकार से ज्यादा वैक्सीन की मांग की है

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