26/11 आतंकी हमले की 12 वीं बरसी पर बोले पीएम, नहीं भूलेंगे मुंबई हमले का जख्म

0
253
Mumbai-Terror-Attack

नई दिल्ली: वर्ष 2008 में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था, जिसने भारत समेत पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। आज 26/11 आतंकी हमले की 12 वीं बरसीं है। गुरुवार को संविधान दिवस पर गुजरात के केवडिया में पीठासीन अधिकारियों के समापन सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकी हमले (26/11) का जिक्र किया।

आतंकी हमले (26/11) का जिक्र करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुंबई हमले के जख्म को भारत भूल नहीं सकता। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज की तारीख, देश पर सबसे बड़े आतंकी हमले के साथ जुड़ी हुई है। 2008 में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मुंबई पर धावा बोल दिया था। इस हमले में अनेक भारतीयों की मृत्यु हुई थी। कई और देशों के लोग मारे गए थे। मैं मुंबई हमले में मारे गए सभी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं आज मुंबई हमले जैसी साजिशों को नाकाम कर रहे, आतंक को एक छोटे से क्षेत्र में समेट देने वाले, भारत की रक्षा में प्रतिपल जुटे हमारे सुरक्षाबलों का भी वंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि आज का भारत नई नीति-नई रीति के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है।

बता दें 26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई को बम धमाकों और गोलीबारी से दहला दिया था। एक तरह से करीब साठ घंटे तक मुंबई बंधक बन चुकी थी। इस आतंकी हमले को आज 12 साल हो गए हैं मगर यह भारत के इतिहास का वो काला दिन है जिसे कोई भूल नहीं सकता।हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मुंबई हमले को याद करके आज भी लोगों को दिल दहल उठता है।

संविधान दिवस पर गुजरात के केवडिया में पीठासीन अधिकारियों के समापन सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बापू की प्रेरणा को, सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिबद्धता को प्रणाम करने का है। ऐसे अनेक प्रतिनिधियों ने भारत के नवनिर्माण का मार्ग तय किया था। देश उन प्रयासों को याद रखे, इसी उद्देश्य से 5 साल पहले 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था।