देश में लोग पहले ही Coronavirus से परेशान हैं ऐसे में महंगाई की मार भी आम जनता की जेब पर पड़ रही है। रिफाइंड Oil की महंगाई ने तो नाक में दम किया ही है कि अब अधिकतर घरों में इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल किचन का बजट फेल कर रहा है।

मशीनों पर मिलने वाला सरसों का शुद्ध खुला Oil केवल 5 दिन में 135 रुपये लीटर से 175 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं अगर बात सरकारी आंकड़ों की करें तो Union Consumer Ministry की Website के मुताबिक सरसों के पैक तेल की कीमत भी पिछले एक महीने में 45 रुपये का उछाल आया है।

पटना में 22 अप्रैल को सरसों के पैक तेल की कीमत 155 रुपये थी तो दिल्ली में 160, जबकि साहिबगंज में 209 रुपये लीटर। वहीं जयपुर में 155 तो मुंबई में 169 और नासिक में यह 194 रुपये लीटर तक पहुंच गया है।

जानें, क्यों बढ़ रहे हैं दाम

सरसों की पेराई करने वाले व्यवसायी ने बताया कि एक हफ्ते पहले जो सरसों दाना 6500 रुपये क्विंटल था वह आज 8000 रुपये के पार चला गया है। अभी होली पर सरसों तेल 120 रुपये लीटर बिका और आज के डेट में 175 रुपये बेचना पड़ रहा है।

इस समय हालात यह है कि सरसों, मूंगफली, बिनौला के दाम Soybean के मुकाबले कम है। वहीं कच्चा पाम तेल भी लगातार मजबूती में बना हुआ है।

  • Sarso oil (दादरी) का मिल डिलीवरी भाव 300 रुपये बढ़कर 15,000 रुपये हो गया वहीं सोयाबीन तेल, दिल्ली में 150 रुपये बढ़कर 15,500 रुपये क्विंटल पर बोला गया।
  • कांडला बंदरगाह पर सोयाबीन डीगम का भाव 450 रुपये बढ़कर 14,500 रुपये क्विंटल बताया गया।
  • माल की तंगी से बिनौला तेल हरियाणा 100 रुपये बढ़कर 14,900 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया। जबकि रिफाइंड पामोलिन तेल 100 रुपये बढ़कर 14,100 रुपये क्विंटल हो गया।

यह भी पढ़ें: पतंजलि में Corona ने दी दस्तक, 83 लोग कोरोना पॉजिटिव

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है