Border पर सुरक्षा के साथ बच्चों में शिक्षा के दीप जगा रहे हैं हमारे SSB के जवान India Nepal border पर तैनात एसएसबी जवान सुरक्षा के साथ सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ा रहे हैं, बॉर्डर से सटे गांव के स्थाई व अस्थाई चेक पोस्ट पर तैनात एसएसबी के जवान प्रतिदिन गांव के बच्चों के बीच डेढ़ से 2 घंटे तक शिक्षा का अलख जगा रहे हैं।

भटके युवाओं को दिखा रहे राह –

Lockdown के बाद से 1 वर्ष के बच्चों की शिक्षा दीक्षा व युवकों की रोजी-रोटी खत्म हो गई है इससे युवक मुख्य रूप से पैसों के लिए भटक रहे थे। जवान ऐसे युवाओं को राह दिखाने का काम भी कर रहे हैं इसकी जानकारी जब कैंप के प्रभारी सह सहायक कमांडेंट अंसल श्रीवास्तव को मिली तो उन्होंने बॉर्डर से सटे गांव के रास्तों में कई चेकपोस्ट बनाएं और निगरानी रखनी शुरू की।

India Nepal border पर तैनात एसएसबी जवान अपने मूल कर्तव्यों, सीमा सुरक्षा एवं बंधुत्व को बखूबी निभा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को चंद्रमन गांव में जवानों एवं असिस्टेंट कमांडेंट अंशल श्रीवास्तव ने जो उत्कृष्ट कार्य किया, वह काबिले तारीफ है। गुरुवार की सुबह चंद्रमन गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो सहोदर भाइयों में भीषण मारपीट हुई। दोनों भाईयों ने एक दूसरे पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस को सूचना मिली। तब तक चंद्रमन गांव में स्थापित अस्थायी कैंप पर तैनात एसएसबी जवानों ने इसकी सूचना एसी को दी। सूचना पर मेडिकल किट के साथ एसी अंशल श्रीवास्तव ने पहुंच कर ऑन द स्पॉट घायल का प्राथमिक ईलाज किया। यदि सही समय पर मेडिकल ऐड नहीं मिलता तो दोनों की हालत खराब हो सकती थी। एसएसबी की कार्यशैली की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। सहायक कमांडेंट अंसल श्रीवास्तव के द्वारा क्षेत्र में ऐसे कई सामाजिक कार्य किए गए हैं,जिससे वह क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गए हैं।

कर्नाटक में फंसे मजदूरों की बचाई थी जान –

विगत दिनों आदापुर के ही कुछ मजदूर कर्नाटक में ठेकेदार की गिरफ्त में आ चुके थे उक्त मजदूरों के साथ काफी मारपीट और बुरा बर्ताव किया जाता था और उन्हें उनके घर भी आने नहीं दिया जाता था। इसकी सूचना मिलते ही एसएसबी के सहायक कमांडेंट अंसल श्रीवास्तव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूरों की जान बचाई थी और बिहार भवन के उच्चाधिकारियों तथा सहायक कमांडेंट अंसल श्रीवास्तव के प्रयास से सारे मजदूर बरामद कर लिए गए।
सहायक कमांडेंट नई युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी हैं क्योंकि एक बड़े पद पर होते हुए भी वह आम लोगों के जैसे लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं सुनते हैं तथा उसका निदान भी करते हैं,जिससे लोगों में एसएसबी के प्रति काफी विश्वास पैदा हो चुका है। सहायक कमांडेंट के द्वारा समय-समय पर ग्रामीण स्तरीय बैठक कर लोगों को शिक्षा,स्वास्थ्य तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाया जा रहा है।
रिपोर्ट – प्रतीक कुमार सिंह

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