One Year Of Lockdown In India: कोरोना की आपदा में पैदा हुए अवसर

नई दिल्ली,

पिछले साल चीन के वुहान से शुरू होकर कोरोना संक्रमण पूरी दुनिया में तेजी से फैलने लगा। विज्ञानी वायरस को खत्म करने के तरीके खोज रहे थे, लेकिन इसके प्रसार को तत्काल रोकना जरूरी था। ऐसे में भारत समेत दुनिया के कई देशों ने लॉकडाउन का निर्णय लिया। 25 मार्च, 2020 से भारत में लॉकडाउन की शुरुआत हुई। सब कुछ ठहर गया, लेकिन जिजीविषा ने नए रास्तों को जन्म दिया। महामारी से मुकाबला करते हुए हर स्तर पर जिंदगी को रफ्तार देने के सम्यक प्रयास होते रहे। पेश है विशेष आयोजन…

मुंबई: मॉल में चल रहे कोविड अस्पताल में आग, 10 मरीजों…

काम छूटा तो खड़ा किया कारोबार: जालंधर में आउटसोर्स पर काम कर रहे पुरुषोत्तम वत्स कोरोना काल में बेरोजगार हो गए। पटना लौटने पर कपड़े का कारोबार शुरू किया। प्रशासन ने मदद की और काम चल निकला। आज स्कूली बच्चों की ड्रेस के साथ-साथ बाजार की अन्य मांगों को भी पूरा कर रहे हैं। चूंकि मांग अधिक हो गई है, इसलिए आउटसोर्स भी करना पड़ रहा है। जो कल तक खुद आउटसोर्स पर काम कर रहा था, आज औरों को काम दे रहा है। इनकी फैक्ट्री पटना के बेऊर में है, जिसमें अभी 11 लोग काम कर रहे हैं। इनमें दूसरे प्रदेशों से लौटे नौ वे लोग हैं, जिनका रोजगार छिन गया था।

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