देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर जारी है। तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है। इस तीसरी लहर में बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना बताई जा रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन के अनुसार देश में जो nasal vaccine तैयार कि जा रही है, वह खास तौर पर बच्चों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। लोकिन nasal vaccine की इस साल उपलब्ध होने की संभावना नहीं भी हो सकती है ऐसा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन का मानना है।

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पेशे से बच्चों की डॉक्टर और WHO की प्रमुख वैज्ञानिक स्वामीनाथन ने कहा, देश में बनने जा रही नाक के जरिए दी जाने वाली nasal vaccine बच्चों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। इसको आसानी से लगाया जा सकेगा,ये उनके फेफड़ों को भी बेहतर इम्यूनिटी प्रदान करेगी।
साथ ही वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन का मानना है कि शिक्षकों को nasal vaccine लगवाने की ज्यादा आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि जब कोरोना वायरस का जोखिम कम हो, तभी स्कूलों को खोला जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैज्ञानिक ने कहा, मुझे बहुत उम्मीद है कि हमारे पास बच्चों के लिए nasal vaccine होगा। साथ ही शिक्षकों को टीका लगाया जाता है, तो यह एक बड़ा अच्छा कदम होगा।
बच्चों में कोरोना वायरस के बारे में नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि 10 से 17 साल के बच्चों में Seropositivity की दर अमूमन वही है जो 30 से 40 साल के लोगों के बीच है और बच्चों में भी कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है।

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