चुनावी वक़्त में किसी भी तरह आचार संहिता का उल्लंघन करना गलत माना जाता है। ऐसे में टीएमसी ने Election Commission में शिकायत की थी कि Vaccine Certificate पर पीएम मोदी की तस्वीर का होना आचार संहिता का उल्लंघन है। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए Election Commission ने स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि वह चुनावी नियमों का पालन करे।

Election Commission ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को उन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले कोविड -19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों से हटा दिया जाए, जहां इस साल चुनाव होने वाले हैं। मामले से परिचित लोगों ने 5 मार्च को यह जानकारी दी।

भारत ने 1 मार्च को अपने Vaccination Campaign का दूसरी चरण शुरू कर लिया है जिसमें 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को और 45 साल से ऊपर के उन लोगों को टीका लगाया जा रहा है जिन्हें गंभीर बिमारियां हैं। Election Commission ने कहा कि तस्वीरें आचार संहिता का उल्लंघन करती हैं, साथ ही Election Commission ने स्वास्थ्य मंत्रालय को ये भी बताया कि “आदर्श आचार संहिता का स्तर एक स्तर को सुनिश्चित करना है, यह अनुचित प्रचार के रूप में गिना जा सकता है।”

Election Commission ने Trinamool Congress के सांसद डेरेक ओ ब्रायन की शिकायत पर मंत्रालय से जवाब मांगने के कुछ दिनों बाद कहा कि प्रमाणपत्रों के जरिए पीएम “अपने पद और शक्तियों का फायदा उठा रहे थे।”

Ministry of Health ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि Vaccination System को चुनावों की घोषणा से पहले डिजाइन किया गया था। मंत्रालय ने बताया कि प्रमाण पत्र जारी योजना के अनुसार जारी किए गए थे। आदर्श आचार संहिता बाद में लागू हुई।

Election Commission ने West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और Puducherry के लिए 26 फरवरी को मतदान कार्यक्रम की घोषणा की थी। मामले से परिचित व्यक्ति ने कहा कि यह आवश्यक था कि तस्वीरों को चुनाव से जुड़े राज्यों में बांटे गए प्रमाणपत्रों से हटा दिया जाए, साथ उन्होंने ये भी बताया कि यह सिस्टम अन्य राज्यों में जारी रह सकता है।

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