Corona काल में एक तरफ लोग इलाज के लिए तरस रहे हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो घोटाले करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। BJP सांसद हेमा मालिनी, UP के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, विधायकों की बैठक में प्रधानमंत्री राहत कोष से मथुरा को दिए गए Ventilator पर अधिकारियों से चर्चा हुई तो बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था। प्रधानमंत्री राहत कोष से मिले 20 Ventilator में से 13 वेंटिलेटर अकेले एक निजी अस्पताल को प्रशासन ने मुहैया करा दिए थे, जिन्हें ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने वापस ले लिया है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि यदि यह 20 Ventilator सरकारी अस्पताल में लगाए जाते तो गरीब मरीजों को इनका नि:शुल्क लाभ भी मिल सकता था। पत्र में मुख्य न्यायाधीश से जिला प्रशासन द्वारा बरती गई अनियमितता की जांच कराने की मांग की है। समाजवादी पार्टी ने इस मामले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद दिल्ली की एक निजी संस्था के अध्यक्ष रजत नारायण ने घोटाले की शिकायत PMO से की। रजत नारायण की शिकायत पर अब Ventilator Scam की जांच शुरू हो गई है।

रजत नारायण ने बताया कि Ventilator Scam की जांच PMO के सचिव अंबुज शर्मा को मिली है। जांच में कई स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ निजी अस्पतालों की गर्दन भी फंस सकती है। बता दें कि जनपद के कई निजी अस्पतालों ने Corona महामारी को अवसर में बदला और Covid उपचार के नाम पर लाखों की वसूली भी की। डीएम के आदेश पर निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच बैठी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल ने निजी संस्थानों को दिए गए Ventilator की जांच के लिए Allahabad High Court के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करने की अपील की है।

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