मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर के बयान के बाद भारत और मलेशिया के बीच ट्रेड वॉर की आशंका और बढ़ती नज़र आ रही है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर के बयान के बाद भारत और मलेशिया के बीच ट्रेड वॉर की आशंका और बढ़ती नज़र आ रही है।

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कश्मीर मुद्दे पर भारत की आलोचना की थी, जिसके बाद भारतीय व्यापारियों ने मलेशियाई तेल के साथ अन्य कई उत्पादों की खरीद बंद करने की गुहार लगाना शुरू कर दिया था। दरअसल 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने अपने बयान में कहा था, “संयुक्त राष्ट्र के संकल्प के बावजूद, कश्मीर पर हमला कर कब्जा किया जा रहा है।

महातिर मोहम्मद के बयान के बाद भारत के तेल व्यापारी संगठन मलेशियाई पाम तेल की खरीदारी बंद करने के लिए कहा था।

इस कार्रवाई के पीछे कुछ वजहें हो सकती हैं लेकिन फिर भी ये गलत है। इस समस्या का समाधान शांतिपूर्वक तरीकों से ही होना चाहिए।” महातिर मोहम्मद के इस बयान के बाद इस बहिष्कार की शुरुआत हुई और भारत के एक तेल व्यापारी संगठन ने सोमवार को अपने सभी सदस्यों से मलेशियाई पाम तेल की खरीदारी बंद करने के लिए कहा था। बता दें कि मलेशियाई पाम ऑयल बोर्ड के डेटा के मुताबिक, भारत दुनिया भर में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक देश है और मलेशियाई पाम तेल का सबसे बड़ा खरीददार भी है। यदि भारत का तेल बहिष्कार यूं ही जारी रहा तो यह मलेशिया की अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकता हैं।

महातिर मोहम्मद ने मंगलवार को कहा है कि…

महातिर मोहम्मद ने मंगलवार को कहा है कि भारतीय व्यापारियों की मलेशियाई तेल के बहिष्कार की मांग के बाद भी कश्मीर मुद्दे पर अपने भारत-विरोधी रवैये पर अड़े रखेगें। महातिर ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा कि, हम अपने मन की बात बोलते हैं और हम इसे पलटते या बदलते नहीं हैं। मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर के इस बयान के बाद भारत और मलेशिया के बीच ट्रेड वॉर की आशंका और बढ़ती नज़र आ रही है।