नई एसओपी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन में रहेंगे ब्रिटेन से आए Covid -19 मरीज़

कोरोना के नए स्ट्रेन के ख़तरे को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार पहले से ही तैयार हो गई है। महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार(23 दिसंबर) को कहा कि ब्रिटेन से आने वाले उन यात्रियों को संस्थागत पृथकवास (इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन) में रखा जाएगा जिन्हें जांच में संक्रमित पाया जाएगा। ब्रिटेन से आने वाले कोविड-19 मरीज़ अगर देश में प्रवेश कर गए तो कितनी तेज़ी से ये वायरस देश में अपने पैर पसारेगा ये कह पाना मुश्किल है।

नेगेटिव जांच रिपोर्ट वाले अन्य यात्रियों को गृह पृथकवास (होम क्वारंटीन) में रखा जाएगा और रोजाना जिला निगरानी अधिकारी उनसे रिपोर्ट लेंगे। सरकार के अधिकारी ने कहा कि यह केंद्र द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप है। बता दें कि बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 की बीमारी के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 वायरस के नए प्रकार के सामने आने के बाद महामारी निगरानी एवं प्रतिक्रिया एसओपी जारी की।

जानें, केंद्र द्वारा जारी एसओपी के बारें में

नई एसओपी 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से भारत लौटे सभी यात्रियों पर लागू होगी। इसके तहत आरटी-पीसीआर जांच में जिन यात्रियों के कोविड-19 होने की पुष्टि हुई है उनकी जांच दोबारा नए वायरस के स्ट्रेन के लिए की जाएगी। केंद्र द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक अगर यात्री में नए वायरस पाए जाते हैं तो उन यात्रियों को आगे के इलाज के लिए अन्य कोविड-19 मरीजों से अलग किया जाएगा।  इन मरीजों की 14 दिन बाद दोबारा कोविड-19 जांच की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से ‘एयर सुविधा’पोर्टल पर पिछले 14 दिनों की यात्रा जानकारी भी स्व घोषित फार्म भरकर साझा करने को कहा गया है। महाराष्ट्र सरकार किसी भी तरह की लापरवाही करना नहीं चाहती इसलिए ही हर तरह संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

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