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यूपी में ‘लव जिहाद’ को लेकर कानून, कई अन्य राज्यों में प्रस्ताव

‘लव जिहाद’ नाम काफी वक़्त से चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन अब इस बहस पर चुप्पी साधने का वक़्त आ गया है। कोलकाता हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर एक बालिग लड़की अपनी मर्जी से शादी करती है, धर्म परिवर्तन करती और अपने माता-पिता के पास लौटने से मना कर देती है तो उसमें दखलअदांजी नहीं की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल में नदिया जिले के दुर्गापुर के रहने वाले 44 साल के पिता ने कोर्ट में कहा कि उनकी बेटी 15 सितंबर को घर से भाग गई थी और अगले दिन उन्हें पता चला कि उसने धर्म परिवर्तन करके एक मुस्लिम लड़के शादी कर ली है। उनकी बेटी ने अपना नाम भी बदल लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को या तो ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया या लालच दिया गया।

यूपी की योगी सरकार ने लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए कानून बनाया है। इसके तहत विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। यूपी के बाद हरियाणा में भी लव जिहाद पर कानून बनाने की तैयारी चल रही है। कर्नाटक में भी लव जिहाद पर कानून बनाए जाने की चर्चा है।

जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की डिविजन बेंच ने अपने फैसले में कहा, ‘अगर एक बालिग लड़की अपनी मर्जी से शादी करती है, धर्म परिवर्तन करती और अपने माता-पिता के पास लौटने से मना कर देती है तो इस मामले में दखलअदांजी नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने लड़के और लड़की दोनों से 23 दिसंबर को अपना बयान दर्ज कराने को कहा है।

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