महिलाएं इस बार 70 साल बाद रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग में पति की दीघार्यु की कामना करेंगी।

पती की लम्बी आयु के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ का पर्व आज 17 अक्टूबर को देशभर में मनाया जा रहा है। महिलाएं इस बार 70 साल बाद रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग में पति की दीघार्यु की कामना करेंगी। पति की लंबी उम्र की कामना के साथ महिलाएं आज पूरे दिन निर्जला व्रत रखेगी और शाम को चंद्रमा निकलने पर पूजा करने के बाद अन्न जल ग्रहण करेंगी। इस व्रत में चांद को छलनी से देखने का विशेष प्रचलन है। बता दें कि व्रत रखने वाली सुहागिनें शाम 5 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक पूजन कर सकती हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चतुर्थी आज सुबह 6:48 से लग चुकी है। यह तिथि कल सुबह 7:29 तक रहेगी। चांद का दीदार करीब रात 8:18 बजे होगा।

करवा चौथ के दिन छलनी से क्यों देखा जाता है चांद और पति का चेहरा

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करवाचौथ पर विधि-विधान से पूजा करने से लाभ की प्राप्ती होती है। आज के दिन महिलाएं साज-श्रृंगार करके करवाचौथ का व्रत कथा सुनती है। इसके बाद भगवान श्री गणेश, शिव शंकर, मां गौरी की पूजा करती है। भगवान गणेश को लड्डू का भोग लगाकर पुष्प अर्पित करती है। चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करती है। व्रत खोलने के बाद पति और बड़ों का आशीर्वाद लेती है, इस बात को जरूर ध्यान रखें कि पूजा की थाली में छलनी, आटे का दीया, फल, ड्राईफ्रूट, मिठाई और दो पानी के लोटे होने चाहिए।

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एक लोटे से चंद्रमा को अर्घ्य दें और दूसरे लोटे के पानी से व्रत खोलें। ध्यान रहे कि पूजा की थाली में माचिस न रखें। इसके बाद आप बायना निलाकर अपने बड़ों को दें और फिर खाना खाएं। इस दिन लहसुन-प्याज वाला खाना न बनाएं। इस दिन गर्भवती महिलाओं को व्रत रखने से बचना चाहिए। यदि महिलाएं व्रत रखती भी हैं तो वे थोडे़-थोड़े वक्त के अंतराल में पानी पीते रहें।