Jitin Prasada की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण ये बताया जा रहा है कि जब से उत्तर प्रदेश की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली है और प्रियंका ने अजय सिंह लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, तभी से Jitin Prasada साइडलाइन हो गए थे। उन्हें कांग्रेस की समितियों में भी नहीं रखा गया था। एक तरह से सज़ा के तौर पर उन्हें पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया था, जहाँ पहले से ही कांग्रेस का कोई जनाधार नही बचा था।

पश्चिम बंगाल का विधान सभा चुनाव Jitin Prasada के प्रभारी रहते हुए ही कांग्रेस ने लड़ा था, बावजूद इसके किसी भी रैली में उन्हें मंच से बोलने नही दिया जाता था। पार्टी में खास तवज्जो नहीं मिलने से वह नाराज थे। कई बार खुले मंच पर वह अपनी नाराजगी जाहिर भी कर चुके हैं लेकिन उनकी नाराजगी को कांग्रेस आलाकमान ने दूर करने की कोई कोशिश नहीं की। लिहाजा ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह कांग्रेस ने यूपी में इस ब्राह्मण नेता को खो दिया।
BJP कर रही है ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश

यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले BJP अपने सभी सियासी समीकरण को दुरुस्त करने में जुट गई है। यूपी में जबसे BJP की सरकार बनी है तबसे ही BJP से ब्राह्मणों की नाराजगी चली आ रही है। ब्राह्मण वर्ग ठाकुरों को अधिक तवज्जो देने से नाराज चला आ रहा है। समय समय पर कई वीडियो भी वायरल हुए जिसमे ठाकुरों को ब्राह्मणों से ज़्यादा तवज्जो देने की बात सामने आती रही है। ब्राह्मणों का एक तबका खासतौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नाराज चल रहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले राष्ट्रीय महा सचिव बी एल संतोष जब यूपी आये थे तो अलग अलग मुलाकात में कई विधायकों ने उनसे मुलाकात में इस विषय को रखा भी था। आरएसएस भी अंदुरुनी तौर पर ब्राह्मणों की नाराजगी को महसूस कर रही है, लिहाजा यूपी के विधानसभा चुनाव से पहले इस पर काम शुरू हो चुका है। कल ही यूपी कैडर के 1984 बैच के यूपी के पूर्व मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डे को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है, और आज यूपी के ब्राह्मण नेता Jitin Prasada ने BJP जॉइन की है। आगे अभी और भी अन्य दूसरे ब्राह्मण नेताओं को शीर्ष में लाने की कवायद जारी रहेगी।

Jitin Prasada को शामिल कराकर ब्राह्मणों के बीच बड़ा संदेश BJP ने दे दिया है कि आनेवाले 2022 में विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों के लिए कालीन बिछनी शुरू हो चुकी है। अब देखना ये है कि ये रणनीति बीजेपी के लिए कितनी कारगर सिद्ध होती है।

रिपोर्ट – अनूप

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