महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला के बाद अब हुए ये नेता नजरबंद….

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कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है।

जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से पहले घाटी के कई नेताओं को नजरबंद किया गया था। इसमें महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला समेत अन्य नेताओं का नाम शामिल है। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर घाटी में लोगों को कैद किया जा रहा है। हम ग्रेनेड या पत्थर फेंकने वाले नहीं हैं। मेरा भारत सभी के लिए लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष है। हम बदलाव के लिए शांतिपूर्ण संकल्प में विश्वास रखते हैं।

दरअसल, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है। स्थानीय पुलिस ने एहतिहात के तौर पूर्व मंत्री और डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह को नजरबंद किया है। लाल सिंह पहले जम्मू के नेता हैं, जिन्हें नजरबंद किया गया है। चौधरी लाल सिंह को जम्मू के गांधीनगर में उनके सरकारी आवास से निकलने की इजाजत नहीं है।

बता दे, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने रविवार रात में डर जाहिर किया था कि उन्हें मुख्यधारा के अन्य नेताओं के साथ नजरबंद किया जाने वाला है, वहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस कदम को अजीब बताया था।

लोकसभा में कुछ सदस्यों द्वारा फारूक अब्दुल्ला की अनुपस्थिति और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह ठीक हैं और अपनी मर्जी से वहां रह रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला न तो नजरबंद हैं और न ही उन्हें हिरासत में लिया गया है।