कोरोना महामारी ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है। कुछ दिनों से आँकड़ों में कमी से राहत तो मिली है, पर कोरोना की दूसरी लहर ने कुछ और ही शक्ल ले लिया है। कोरोना संक्रमितों में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र से लेकर तेलांगना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामलों ने डरा कर रख दिया है। राजस्थान में मामले इतने हो गये हैं कि राजस्थान सरकार ने इसे भी महामारी घोषित कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ब्लैक फंगस के 50 केस सामने आयें हैं, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई है। जबकि यूपी के ही मेरठ में 42 केस सामने आये हैं और 3 लोगों की मौत हो गई है। अलीगढ़ में 2 केस आने से छोटे शहरों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। कोरोना से सबसे प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, यही कारण है कि यहाँ ब्लैक फंगस के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं।

पूरे राज्य में 90 लोगों की मौत हो गई है। अकेले नासिक में ब्लैक फंगस के 150 केस सामने आये हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ब्लैक फंगस से मौत की वजह बिमारी का देरी से पता लगना है, साथ ही इंजेक्शन (Amphotericin B) की कमी है।

ब्लैक फंगस के लक्षण –

बैल्क फंगस ज्यादातर ऐसे मरीजों में देखने को मिला है जो डायबिज़ से पीड़ित हैं।
• चेहरे पर किसी भी तरह की सूजन, खासकर आंखों और गालों के आसपास
• नाक बहना
• नाक बंद होना
• सिरदर्द (बाकी लक्षणों के साथ)
इलाज-
इस बिमारी में सतर्कता ही एकमात्र इलाज है। लक्षण दिखने पर तुरंत जाँच करायें और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दें।

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