Corona से बचें या महंगाई से ये सवाल आज हर आम आदमी के ज़हन में घूम रहा है। पहले से ही Corona की वजह से परेशान लोग अब महंगाई की मार से भी गुजर रहे हैं। Petrol- diesel की कीमतों के साथ अब खाने के Oil की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। दरअसल इस महीने खाद्य तेलों की कीमतों (Edible Oil Price) में रिकॉर्ड इजाफा देखा गया है।

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पैक्ड खाद्य तेलों जैसे की मूंगफली, सरसों, वनस्पति, सोया, सूरजमुखी और पाम ऑयल की मासिक औसत खुदरा कीमतें इस महीने एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
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• खुदरा बाजारों में खाद्य तेल की कीमतें पिछले एक हफ्ते में 7-8 परसेंट बढ़ी हैं। रिफाइंड Oil की कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।
• कच्ची घानी सरसों Oil कुछ दिन पहले तक 150-155 रुपये लीटर था। अब, यह 160-170 रुपये लीटर है।
• सोयाबीन रिफाइंड ऑयल 160 रुपये लीटर हो गया है।
• पामोलीन ऑयल 138 रुपये लीटर हो गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पाम Oil की खुदरा कीमतें सोमवार को 138 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं। बीते 11 साल में यह अब तक का उच्‍चतम स्‍तर है। 11 साल पहले अप्रैल 2010 में पाम तेल का औसत मासिक खुदरा भाव सबसे कम था। उस दौरान पाम तेल का खुदरा भाव 49.13 रुपये प्रति किलोग्राम पर था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 26 मई को एक लीटर सरसों तेल का दाम 90 रुपए था। वह आज 200 रुपए के पार पहुंच गया है। बाजार में एक लीटर सरसों के Oil की बॉटल की रिटेल कीमत 214 रुपए है।

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