15 अगस्त का जश्न भारत के यह दो शहर बिल्कुल नहीं मानते, पसरा रहता है सन्नाटा…..

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15 अगस्त का जश्न भारत के यह दो शहर बिल्कुल नहीं मानते, पसरा रहता है सन्नाटा.....

पश्चिम बंगाल की नदिया जिले में स्थित रामघाट और कृष्णा नगर दो ऐसे शहर हैं जहां 15 अगस्त नहीं मनाया जाता है।

15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे दिनों को भारतीय लोग त्यौहारों से ज्यादा हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। 15 अगस्त या 26 जनवरी का दिन भारतीयों के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं होता। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ था, तब से लेकर आज तक 15 अगस्त को स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या यूं कहें लगभग हर जगह पर बहुत खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है। लेकिन क्या जानते हैं? भारत में दो ऐसे शहर भी मौजूद हैं, जहां पर 15 अगस्त का जश्न बिल्कुल भी नहीं मनाया जाता, बल्कि वहां पर इस दिन पसरा रहता है सन्नाटा।15 अगस्त का जश्न भारत के यह दो शहर बिल्कुल नहीं मानते, पसरा रहता है सन्नाटा.....

पश्चिम बंगाल भारत का एक ऐसा शहर है, जहां पर 15 अगस्त का जश्न नहीं मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित रामघाट और कृष्णा नगर दो ऐसे शहर हैं जहां 15 अगस्त नहीं मनाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें की यहां 18 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

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15 अगस्त का जश्न भारत के यह दो शहर बिल्कुल नहीं मानते, पसरा रहता है सन्नाटा.....

दरअसल भारत और पाकिस्तान का बंटवारा होने के कारण इन 2 शहरों को पाकिस्तान में शामिल किया गया था, लेकिन यहां के लोगों ने पाकिस्तान में शामिल होने से मना कर दिया। इसका कारण था यहां पर रहने वाले हिन्दुओं की अधिक संख्या। हिंदू क्षेत्र होने की वजह से लोगों ने बंटवारे का काफी विरोध भी किया था। जिसके बाद इन दो शहरों को 18 अगस्त 1948 को भारत में शामिल करने की घोषणा की गई थी, इसलिए इन दो शहरों में 15 अगस्त नहीं मनाया जाता है।

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